केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा जेईई मेन्स 2016 के नतीजे बुधवार शाम घोषित कर दिए। इस बार सामान्य श्रेणी की कटऑफ का ग्राफ बीते साल के मुकाबले लुढ़क गया है। पिछले साल सामान्य के लिए कटऑफ 105 थी, जो इस बार 100 पहुंच गई। दूसरी ओर एससी-एसटी की कटऑफ का ग्राफ बढ़ा है। केमिस्ट्री व फिजिक्स के कुछ कठिन प्रश्न और जेईई एडवांस के लिए डेढ़ लाख से दो लाख तक बढ़ाई गई परीक्षार्थियों की संख्या को सामान्य के लिए कटऑफ में गिरावट का कारण बताया जा रहा है। इस दफा जेईई मेन्स के नतीजों के आधार पर जेईई एडवांस के लिए टॉप दो लाख परीक्षार्थी बैठ सकेंगे।
सीबीएसई की ओर से जारी नतीजों में ऑफलाइन व ऑनलाइन परीक्षा के आधार पर कुल 1,98,228 उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई किया है। इनमें से ऑफलाइन परीक्षा में 1,78,408 और ऑनलाइन परीक्षा में 19,820 क्वालिफाई हुए हैं। इस बार जेईई मेन्स के लिए कुल 11,94,938 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। खास बात यह है कि इस बार चार ट्रांसजेंडर भी जेईई मेन्स के लिए रजिस्टर्ड हुए थे। इनमें से तीन ने परीक्षा भी दी। हालांकि कोई क्वालिफाई नहीं कर पाया।
परिणाम के अनुसार ओबीसी श्रेणी की कटऑफ बीते साल की तरह ही 70 है। एससी के लिए जहां बीते साल कटऑफ 50 थी, वहीं इस बार 52 पर पहुंच गई। एसटी की कटऑफ 44 से बढ़कर 48 हो गई है। सीबीएसई की ओर से घोषित नतीजों में फिलहाल छात्रों को रैंक नहीं दी गई है। दरअसल रैंक के लिए जहां 60 फीसदी अंक प्रवेश परीक्षा के होते हैं, वहीं 40 प्रतिशत अंक बारहवीं के नतीजों के होते हैं। ऐसे में 12वीं के नतीजे आने के बाद रैंक 30 जून तक जारी हो सकेगी। जेईई मेन्स में सफल हुए छात्र अब 29 अप्रैल से आईआईटी की ओर से आयोजित होने वाली जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए पंजीकरण कर सकेंगे।