प्रदेश में जेईई मेन की लिखित परीक्षा ली गई। इसके लिए शिमला और हमीरपुर जिलों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों में हजारों युवाओं ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से परीक्षार्थियों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। शिमला में सुबह अभ्यर्थी अपने रोलनंबर को देखने के लिए बारी का इंतजार करते नजर आए।
परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों के अभिभावकों ने परीक्षा संबंधी पूछे गए सवालों के बारे में बच्चों से जानकारी ली। लॉरेंटो पब्लिक स्कूल भराड़ी, दयानंद, सेंट थॉमस, लॉरेंटो कान्वेंट स्कूल ताराहॉल, दयानंद, केवी तिब्बतियन स्कूल छोटा शिमला, चैप्सली, केवी जाखू, डीएवी न्यू शिमला और डीएवी लक्कड़ बाजार में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें करीब तीन हजार से ज्यादा छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा प्रभारी मीरा को बनाया गया था।
हमीरपुर जिले में सात हजार युवाओं ने परीक्षा दी। दस परीक्षा केंद्र बनाए थे। सात केंद्रों में एक चरण तथा तीन केंद्रों में दो चरण में परीक्षा हुई। करीब छह जिलों के युवाओं ने परीक्षा दी। चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, ऊना और मंडी के युवा परीक्षा देने पहुंचे। डीएवी स्कूल हमीरपुर, डीएवी कांगू, बाल स्कूल हमीरपुर, एसडी पब्लिक स्कूल, हिम अकादमी, केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर, गौतम गर्ल्स
कॉलेज, हमीरपुर कॉलेज, सिद्धार्थ कॉलेज नादौन और गुरुकुल पब्लिक स्कूल को परीक्षा केंद्र निर्धारित किया गया था। परीक्षा सुबह 9:30 से 12:30 और शाम दो से पांच बजे तक ली गई। शाम के समय तीन केंद्रों में परीक्षा हुई। एसडी स्कूल दोसड़का, डीएवी कांगू और डीएवी हमीरपुर में दो चरणों में परीक्षा हुई। करीब तीन सौ युवक परीक्षा देने परीक्षा केंद्रों में नहीं पहुंचे।
डीएवी स्कूल हमीरपुर के प्रधानाचार्य पीसी वर्मा ने कहा कि सात हजार युवाओं ने जेईई मेन की लिखित परीक्षा दी। जिला में दस परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। तीन सौ युवक परीक्षा देने परीक्षा केंद्रों में नहीं पहुंचे। करीब छह जिला के युवाओं ने लिखित परीक्षा में भाग लिया।