12वीं के बाद आईआईटी, एनआईटी जैसे संस्थानों में दाखिले के अलावा एक और विकल्प अभी खुला हुआ है। इंडियन इंस्टीट्यूट आफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च(आईआईएसईआर) में बैचलर आफ साइंस-मास्टर आफ साइंस(बीएस-एमएस) ड्यूल डिग्री प्रोग्राम में दाखिले को आवेदन प्रक्रिया मई में शुरू होगी।
यहां जेईई एडवांस रैंक होल्डर, केवीपीवाई फेलोशिप वाले छात्रों के अलावा इस साल 12वीं पास युवाओं को प्रवेश परीक्षा से एंट्री का मौका दिया जाएगा। आईआईएसईआर बेरहामपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुर और तिरूपति परिसर में बीएस एमएस की एक हजार सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया मई में शुरू होगी।
25 मई 2016 से वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण शुरू होंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जून तय की गई है। उत्तराखंड के छात्रों के लिए किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना(केवीपीवाई) की कटऑफ 72.6 प्रतिशत, सीबीएसई बोर्ड के लिए 94.6 प्रतिशत और आईसीएसई के लिए 95.2 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।
तीन तरीकों से मिलेगा दाखिला
केवीपीवाई चैनल : इसके तहत कैंडिडेट के पास किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना की फेलोशिप होनी चाहिए जो 2016-17 सत्र तक वेलिड होनी जरूरी है। अलग से कटऑफ क्राइटेरिया भी फॉलो किया जा सकता है।
जेईई चैनल : इसके तहत अभ्यर्थी का 12वीं में 60 प्रतिशत अंक और जेईई एडवांस 2016 में अच्छी रैंक होनी चाहिए। यहां भी कटऑफ क्राइटेरिया फॉलो किया जा सकता है।
एससीबी चैनल : उत्तराखंड बोर्ड में 12वीं में 68.8 प्रतिशत, सीबीएसई बोर्ड की 12वीं में 92.5 और आईएससी बोर्ड के 12वीं में 93.3 प्रतिशत अंक होने जरूरी हैं। 12वीं पास को सीधे एंट्री का मौका नहीं मिलेगा। इनके लिए अलग से एक प्रवेश परीक्षा तीन जुलाई 2016 को होगी, जिसका परिणाम 10 जुलाई को जारी होगा।
जानकारी के लिए यहां क्लिक करें : www.iiseradmission.in
विज्ञान में शोध को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से यह संस्थान चलाए जाते हैं। यहां कोई भी वह 12वीं पास छात्र आवेदन कर सकता है, जिसने जेईई मेंस या जेईई एडवांस न दिया हो। बस, सीधे 12वीं के स्कोर के आधार पर एंट्री के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा देनी जरूरी है।
-विपिन बलूनी, एमडी, बलूनी क्लासेज