एचपीयू की कार्यकारी परिषद में अब छात्रों में से एक प्रतिनिधि सदस्य बनकर छात्रों की आवाज बनेगा। यह प्रतिनिधि प्रदेश के छात्रों से जुड़ी समस्याओं को विवि की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में रखेगा। इससे पूरे प्रदेश के छात्रों को विवि प्रशासन तक आम छात्रों से जुड़े बड़े मामले पहुंचाने को धरना-प्रदर्शन करने की जरूरत नहीं होगी। ईसी में चुनकर आया नुमाइंदा सीधे अपनी बात रख सकेगा। कॉलेज और विवि के शिक्षकों में से भी एक प्रतिनिधि चुनकर ईसी का सदस्य बनेगा।
वह शिक्षकों के मसले उठाएगा। यह फैसला सोमवार को कार्यकारी परिषद की बैठक में लिया गया। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने की। यह फैसला विवि ऑर्डिनेंस में पहले से मौजूद प्रावधानों में लिया गया। पिछले कई साल से ईसी में छात्र और शिक्षकों का नुमाइंदा चुनकर नहीं जा पा रहा था। नए शैक्षणिक सत्र में कॉलेजों में मौजूदा व्यवस्था मेरिट आधार पर चुनी जाने वाली एससीए के नुमाइंदे ही आपस में चुनाव कर छात्र प्रतिनिधि को कार्यकारी परिषद में भेजेंगे।
ईसी की बैठक में विवि के 24वें दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को मुख्यातिथि बुलाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई। इक्डोल में समाज शास्त्र विभाग के सहायक आचार्य के प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में गए मामले पर फैसला आने के बाद इस पद पर चयन समिति की अनुशंसा पर अंजना ठाकुर को नियुक्ति देने का फैसला लिया गया।
विवि के प्रति कुलपति प्रो. राजिंद्र चौहान, विधायक अनिरुद्ध सिंह, वाइस चेयरमैन प्रदेश हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट कॉरपोरेशन चंद्रशेखर, प्रो. जेबी नड्डा, प्रो. डीके शर्मा, डॉ. उमा वर्मा, प्राचार्य कोटशेरा कॉलेज, डॉ. श्याम जोशी, राजकुमारी और विवि के कुलसचिव डॉ. पंकज ललित बतौर सदस्य सचिव मौजूद रहे।
प्रतिनिधि मिलने पर फैसले में होगी पारदर्शिता: प्रो. वाजपेयी
कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि ईसी में पिछले कुछ सालों से छात्र और लेक्चर शिक्षक चुनाव क्षेत्र से नुमाइंदे चुनकर नहीं जा पा रहे थे। ईसी ने इन दोनों वर्ग में से सदस्य चुनकर भेजने का निर्णय दिया है। इससे ईसी के छात्र और शिक्षकों से संबंधित फैसलों नुमाइंदों के माध्यम से सहभागिता और पारदर्शिता बढ़ेगी। छात्रों को हर मांग के लिए आंदोलन करने की जरूरत भी नहीं रहेगी। उनका नुमाइंदा सीधे अपने वर्ग की बात रख सकेगा।
करीब दस साल पूर्व ईसी में था छात्र नुमाइंदा
करीब दस साल पहले जब प्रत्यक्ष चुनाव हुए थे। उस समय कॉलेज ओर विवि एससीए में से स्टूडेंट काउंसिल चुनाव हुए थे। इसके सेक्रेटरी जनरल को ईसी में प्रतिनिधित्व दिया गया था। उसके बाद चुनावों पर रोक और अप्रत्यक्ष तरीके से एससीए चुनी जाने लगी। अब ईसी में स्टूडेंट काउंसिल सेक्रेटरी जनरल सदस्य होगा या विवि में अप्रत्यक्ष एससीए के अध्यक्ष को सदस्य बना ईसी में भेजा जाएगा, यह नया सत्र शुरू होने पर ही पता चलेगा। तीस जून को निवर्तमान एससीए का कार्यकाल समाप्त होना है।
एचपीयू मॉडल स्कूल का 1.56 करोड़ से बनेगा भवन
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बच्चों के लिए चलाए जा रहे एचपीयू मॉडल स्कूल के बहुमंजिला भवन का काम एक साल में पूरा हो जाएगा। 1.56 करोड़ की लागत से स्कूल के नए भवन का निर्माण किया जा रहा है। विवि के गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए बारह सेट का एक भवन भी करोड़ों की लागत से बनाया जाएगा।
करीब चार करोड़ के प्रोजेक्ट का कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने गैंती से खुदाई कर सोमवार को शुभारंभ कर दिया है। प्रो. वाजपेयी ने विवि की निर्माण शाखा के अधिकारियों को इन कार्यों को कम से कम समय में पूरा किए जाने के निर्देश दिए और कहा कि मॉडल स्कूल को भवन मिल जाने पर स्कूल में पढ़ रहे छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं विवि के कर्मचारियों को अतिरिक्त बारह आवास मिल जाएंगे।
निर्माण कार्यों की आधारशिला रखे जाने के समय मौजूद रहे अधिकारियों में प्रति-कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान, अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा, कुलसचिव डॉ. पंकज ललित, परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी, विवि कार्यकारी परिषद सदस्य कर्मचारी राज कुमारी, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुने गए नुमाइंदे और विवि की निर्माण मंडल वन के एक्सईएन संजय शर्मा भी मौजूद रहे। विवि के मॉडल स्कूल और कर्मचारी आवासों पर कुल चार करोड़ का खर्च होगा, जिसमें तीन करोड़ का बजट यूजीसी ने जारी किया है।
मॉडल स्कूल में तीसरे चरण में बनेगा तीन मंजिला भवन
एचपीयू मॉडल स्कूल में 1.56 करोड़ से तीन मंजिला भवन बनाया जाना है, जिसमें एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर तथा आंशिक पहली मंजिल का निर्माण किया जाएगा। बेसमेंट में एक तरफ शौचालय दूसरी ओर प्रयोगशालाएं बनाई जानी है, जबकि ग्राउंड फ्लोर में भी इसी प्रकार स्वागत कक्ष प्रतिक्षालय और मुख्य अध्यापक कार्यालय पहली मंजिल में कक्षाओं के कमरे और प्रयोगशालाएं बनाई जानी हैं। हर मंजिल में पढ़ाने के लिए कमरे और प्रयोगशालाओं का निर्माण किया जाना है।
भवन की हर मंजिल में बनेंगे तीन सेट
चैरिटीन में कर्मचारियों के सरकारी आवास में हर मंजिल में तीन-तीन सेट का निर्माण किया जाना है। कुल 12 आवासीय गैर शिक्षक कर्मचारियों के सरकारी आवास बनाए जाएंगे।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मामला
अमर उजाला मॉडल स्कूल के जर्जर भवन और इससे छात्रों की जान पर बने खतरे से उत्पन्न स्थिति को उजागर करता रहा है। आखिर विवि ने प्रशासन ने छात्रों और स्कूल की सस्या को गंभीरता से लिया और स्कूल भवन निर्माण के प्रोजेक्ट की आधारशिला रख दी।