नियमित शिक्षकों के प्रमोशन और तबादलों से पहले गेस्ट टीचरों की पुनर्नियुक्ति के फैसले से शिक्षकों में नाराजगी है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि ऐसा हुआ तो इसके विरोध में शिक्षक प्रदेश व्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार ने बृहस्पतिवार रात हुई कैबिनेट की बैठक में 6126 गेस्ट टीचरों की पुनर्नियुक्ति एवं प्रति पीरियड मानदेय के बजाय 15 हजार रुपये मासिक मानदेय को मंजूरी दी थी। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से इसके निर्देश जारी किए गए। इससे गेस्ट टीचरों में खुशी है तो नियमित शिक्षक नाराज हैं।
नियमित शिक्षकों के साथ धोखा
राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि संगठन के साथ शासन के हाल ही में हुए समझौते में पहले नियमित शिक्षकों के प्रमोशन और तबादलों का आश्वासन मिला है, लेकिन बृहस्पतिवार को गेस्ट टीचरों की तत्काल नियुक्ति के निर्देश जारी कर दिए गए। उन्होंने कहा कि ऐसा हुआ तो यह नियमित शिक्षकों के साथ धोखा होगा।
इसके विरोध में प्रदेश भर के शिक्षक सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि पहले एलटी से प्रवक्ता के पद पर शिक्षकों की पदोन्नति कर तैनाती की जाए। इसके बाद ही रिक्त पदों पर गेस्ट टीचरों को रखा जाए।