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सेना में जाने की रुचि है तो इस संस्थान से कोर्स करें

Mon, 04 Apr 2016 06:05 PM IST
लखवीर सिंह लक्की/अमर उजाला, फतेहगढ़ साहिब
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भारतीय सेना में जनरल केजे सिंह - फोटो : फाइल फोटो
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अगर आप सेना में जाना चाहते हैं तो इस संस्थान से कोर्स करें। यह संस्थान पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में खोला गया है। भारतीय फौज में पंजाबी अफसरों की कमी को पूरा करने के लिए एसजीपीसी द्वारा फतेहगढ़ साहिब में संचालित बाबा बंदा सिंह बहादुर इंजीनियरिंग कॉलेज में सोमवार को बाबा बंदा सिंह बहादुर प्रोपरेटी अकादमी आर्म्ड फोर्स की शुरुआत की गई। इसमें भारतीय सेना के पश्चिमी कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल कमलजीत सिंह बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए।
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उन्होंने एसजीपीसी द्वारा कॉलेज में शुरू की गई आर्म्ड फोर्स की कोचिंग और ट्रेनिंग के लिए समारोह में मौजूद प्रिंसिपल स्टाफ और एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह सेना में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को तैयार करके सेना में भेजें। इस मौके पर जनरल केजे सिंह ने प्रोपेरटी अकादमी के विद्यार्थियों का हौंसला बढ़ाया और कहा कि मुश्किलें हैं तो उम्मीदें हैं, उम्मीदें हैं तो राहे हैं, राहें हैं तो हौसले हैं और हौसले हैं तो मंजिल दूर नहीं।

उन्होंने कहा कि भारतीय फौज में दस से बारह हजार अफसरों की कमी है और उसमें पंजाबियों का कोटा बहुत कम है। इसे पूरा करने के लिए इस अकादमी की शुरुआत सेना की ओर की गई है। एक अप्रैल को कपूरथला में सेना ने नार्थ जोन का पहला सर्विस सिलेक्शन ऑफिस खोला है, जो बाद में रोपड़ शिफ्ट हो जाएगा। इसके अलावा सेना ने महाराजा रणजीत सिंह अकादमी, माई भागो अकादमी और अब बाबा बंदा सिंह बहादुर कॉलेज में तीसरी अकादमी की शुरुआत की है। इस अकादमी का ज्यादा लाभ ग्रामीण इलाकों के नौजवानों को दिया जाएगा जो दसवीं और बारहवीं पास करके कोचिंग के बाद सेना में सीधे अफसर भर्ती होंगे। इस दौरान अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा कि आर्मी का ये सेंट्रलाइज कोचिंग सेंटर है। 
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कनाडा में सिख हमले पर एसजीपीसी ने बुलाई बैठक 
कनाडा में सिख नौजवान पर हुए नस्ली हमले पर एसजीपीसी ने सात अप्रैल को अमृतसर स्थित तेजा सिंह समुद्री हॉल में सिक्खी के प्रचार को बढ़ावा देने और सिखों पर हो रहे नस्ली हमले को रोकने के लिए सिख बुद्धिजीवियों की बैठक बुलाई है। इसमें कोई सकारात्मक हल निकलने की उम्मीद जग सकती है। मक्कड़ ने कहा कि वह सिख नौजवान पर हुए नस्ली हमले की घोर निंदा करते हैं और कैनेडियन सरकार से इस मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं। कनाडा की अर्थव्यवस्था में पंजाबियों का अहम योगदान है। 
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