प्रदेश के राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त बच्चों के लिए खुशखबरी है। भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से इन बच्चों को इंजीनियरिंग कराई जाएगी। शुरूआत में इसके लिए दून के प्रियांशु जोशी और टिहरी के अर्जुन से आवेदन मांगा गया है।
उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद के संयुक्त सचिव कमलेश्वर प्रसाद भट्ट ने कहा कि भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार प्राप्त बच्चों को इंजीनियरिंग कराई जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड से दो बच्चों के नाम भारतीय बाल कल्याण परिषद को भेजे जा रहे हैं। इन बच्चों का मेरिट के आधार पर चयन किया जाएगा।
भारतीय बाल कल्याण परिषद की ओर से बाल भवन को जो पत्र मिला है उसमें कहा गया है कि तीन सीटों पर सिविल, इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल का डिप्लोमा कोर्स एवं तीन सीटों पर डिग्री कोर्स कराया जाएगा।
बच्चों पर निर्भर,इंजीनियरिंग के लिए इच्छुक हैं या नहीं
इसमें दो सीटें कंप्यूटर साइंस एवं एक मैकेनिकल की है। परिषद के महासचिव वीके डोभाल ने बताया कि भारतीय बाल कल्याण परिषद ने अन्य प्रदेशों से भी इस तरह के प्रस्ताव मांगे हैं।
जिनमें मेरिट में आने वाले बच्चों का चयन कर उन्हें इंजीनियरिंग कराई जाएगी। उत्तराखंड में प्रियांशु और अर्जुन दो बच्चों ने इंटर की परीक्षा दी और इस परिधि में आ रहे हैं। जिन्हें परिषद के पत्र से अवगत करा दिया गया है। यह बच्चों पर निर्भर करेगा कि वे इंजीनियरिंग के लिए इच्छुक हैं या नहीं।
यह है बहादुर बच्चे
टिहरी के अर्जुन ने गुलदार से अपनी मां को बचाकर बहादुरी का परिचय दिया था। अर्जुन को 2015 के वीरता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। वही प्रियांशु को इससे पूर्व 2010 में गुलदार से अपनी बहन को बचाने एवं गुलदार से संघर्ष पर इस पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।