आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के दाखिलों के विषय में सरकार को गलत जानकारी देने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ अब एफआईआर दर्ज होगी। दिल्ली सचिवालय में गरीब कोटे के दाखिलों को लेकर निरीक्षण करने वाले टीम के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, टीमों के निरीक्षण में यह बात सामने आई है कि कुछ स्कूलों ने सरकार को दाखिले के संबंध में गलत जानकारी दी है। इस बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सरकार को जानबूझकर गुमराह कर रहे और फर्जी आंकड़े देने वाले स्कूलों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए। दरअसल, इस माह शिक्षा निदेशालय ने गरीब कोटे के तहत हुए दाखिलों की जांच के लिए उपशिक्षा निदेशकों की अगुवाई में विभिन्न टीमें बनाई थी।
टीमों की ओर से जांच की रिपोर्ट को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया। उपमुख्यमंत्री ने सभी स्कूलों की निरीक्षण रिपोर्ट पर चर्चा की, जिसमें पता चला कि कुछ स्कूलों ने गलत जानकारियां दी है। इस बैठक में शिक्षा सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव, शिक्षा निदेशक सौम्या गुप्ता सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मालूम हो कि गरीब कोटे के तहत निजी स्कूलों को 25 फीसदी दाखिले करनेे होते हैं। वहीं, बैठक में इस बात का निर्देश भी दिया गया है कि जिन निजी स्कूलों ने अब तक गरीब वर्ग के बच्चों को वर्दी, किताबें, स्टेशनरी नहीं दी है, वे जल्द से जल्द उन्हें प्रदान करें। इस वर्ग के जिन अभिभावकों ने स्कूलों की ओर से वर्दी व किताबें उपलब्ध नहीं कराने पर स्वयं खरीद ली हैं, स्कूल उन अभिभावकों को उसके लिए पैसे वापस करे।