एचपीटीयू ने प्रवेश शुल्क के बाद अब परीक्षा और केंद्र शुल्क बढ़ाया है।
शहर के शैक्षणिक संस्थानों में चंडीगढ़ के विद्यार्थियों को अधिक कोटा दिए जाने को लेकर फिर से मांग उठ रही है। पंजाब सरकार ने मेडिकल कालेजों में सिर्फ पंजाब के डोमिशायल विद्यार्थियों को ही कोटे का लाभ देने का फैसला लिया है। ऐसे में चंडीगढ़ के स्कूलों से 12वीं करने वालों को यह लाभ नहीं मिल सकेगा।
अब यूटी के कालेज और अन्य संस्थानों में यूटी के मूल निवासियों के लिए कोटा निर्धारित किए जाने की मांग उठने लगी है। सोमवार को यूटी सचिवालय में एडवाइजर परिमल राय और मेयर अरुण सूद के बीच कोटे को लेकर मंथन हुआ। जानकारी के अनुसार एडवाइजर ने इस मामले में मेयर से शहर के अन्य पार्षदों की राय जानने और पूरा प्रपोजल तैयार करने का सुझाव दिया है। मेयर अरुण सूद का कहना है कि चंडीगढ़ के शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले का पहला हक चंडीगढ़ के योग्य रेजिडेंट को मिलना चाहिए।