शिक्षा विभाग की ओर से जारी पदोन्नति सूची में खामियों की भरमार है। जो स्कूल नहीं है वहां भी प्रमोशन कर दिए गए। नियुक्ति तिथि के बजाए प्रशिक्षण की तिथि से वरिष्ठता मान ली गई। वहीं जिन शिक्षकों ने जूनियर का विकल्प मांगा था उन्हें प्राइमरी में भेज दिया गया। शिक्षक ऐसे मामलों की अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं।
प्राथमिक और जूनियर स्कूलों की शिक्षकों की पदोन्नति करने के लिए अक्तूबर और नवंबर महीने में शिक्षकों से आवेदन मांगे गए और उसके बाद काउंसलिंग की गई थी। पदोन्नति का आधार वरिष्ठता और दुर्गम में सेवा का गुणांक रखा गया था। चार महीने बाद जारी की गई सूची देखकर शिक्षकों का माथा ठनक गया।
सूची में इतनी खामियां हैं कि शिक्षक हैरत में हैं। सूची में कई स्कूलों के नाम तक गलत हैं। राजकीय प्राथमिक विद्यालय खंजरपुर ब्लॉक रुड़की के सहायक अध्यापक पंकज त्यागी को राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रसूलपुर ब्लॉक रुड़की में तैनाती दी गई जबकि इस नाम का कोई विद्यालय जिले में नहीं है।
यही नहीं उनका वर्तमान तैनाती स्थल बाजूहेड़ी विद्यालय बताया गया जबकि वह खंजरपुर में सेवारत हैं। इसी तरह राजकीय प्राथमिक विद्यालय इब्राहिमपुर देह के सहायक अध्यापक विनय कुमार की पदोन्नति राजकीय प्राथमिक विद्यालय दादूबांस तृतीय ब्लॉक बहादराबाद में कर दी गई। इस नाम का भी कोई विद्यालय मौजूद नहीं है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर चंदनपुर ब्लॉक नारसन की सहायक अध्यापक सुमनलता यादव ने जूनियर का विकल्प मांगा था और उनका दुर्गम सेवा गुणांक भी 15 था, लेकिन उन्हें राजकीय प्राथमिक विद्यालय लादपुर कला ब्लॉक लक्सर में पदोन्नति का पत्र जारी कर दिया गया।
नियुक्ति के बजाए प्रशिक्षण तिथि से मानी वरिष्ठता:
राजकीय प्राथमिक विद्यालय दौलतपुर ब्लॉक रुड़की की सहायक अध्यापक दिव्या गोयल का दुर्गम श्रेणी सेवा का गुणांक 15 है और दुर्गम श्रेणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय सफरपुर में पदोन्नत कर दिया गया।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डेलना ब्लॉक रुड़की के सहायक अध्यापक राहुल सैनी ने शिकायत करते हुए कहा कि उनकी वरिष्ठता नियुक्ति तिथि से किए जाने के बजाए किसी दूसरे कनिष्ठ अध्यापक की प्रशिक्षण तिथि से वरिष्ठता मानते हुए पदोन्नति दे दी गई। इसी तरह की शिकायतें अन्य शिक्षकों की ओर से भी की गई हैं।
स्कूलों के नाम गलत दर्ज होना केवल प्रिंटिंग मिस्टेक है। संबंधित शिक्षकों को कह दिया गया है कि वह फिर से प्रत्यावेदन दे दें। अगली बैठक में मामले को रखकर क्लीयर कर दिया जाएगा।
-रामेंद्र कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक