दिल्ली यूनिवर्सिटी की तर्ज पर हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में छात्रों को तीन वर्ष के लिए एक ही रोल नंबर दिया जाएगा। यह उस छात्र की यूनिक आईडी होगी। इसे लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत 20 मई को कॉलेज प्रिंसिपल की बैठक में चर्चा की जाएगी।
बता दें कि अभी कॉलेजों में दाखिले से लेकर अंतिम वर्ष तक हर वर्ष नए रोल नंबर जारी किए जाते हैं। इससे न केवल छात्रों को परेशानी होती है, बल्कि कॉलेज प्रबंधन को भी परेशान होना पड़ता है। अनेक बार ऐसा हुआ है कि कोर्स की प्रत्येक वर्ष की फीस मिलान करने में परेशानी हो जाती है। इसके कारण उन बच्चों का भी रोल नंबर परीक्षा से पहले रुक जाता है, जिनकी फीस भरी होने के बावजूद अपडेट होने में गलती हो जाती है।
इसे देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने वन स्टूडेंट-वन रोल नंबर जारी करने का फैसला किया है। इसमें कॉलेज की ओर से दी जाने वाली किताब, फीस व अन्य सुविधाओं की जानकारी भी इसी रोल नंबर से अटैच की जाएगी।
विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अरुण जोशी का कहना है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के तर्ज पर वन स्टूडेंट, वन रोल नंबर जारी किया जाएगा। इससे कॉलेज, यूनिवर्सिटी व विभाग तीनों को भविष्य में काम करने में आसानी होगी। इस शैक्षणिक सत्र में तो ऐसा संभव नहीं हो पाएगा, लेकिन अगले शैक्षणिक सत्र में इसे पूरी तैयारी कर लागू कर दिया जाएगा।