दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के जाकिर हुसैन कॉलेज ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कॉलेज अब पूरी तरह से सौर ऊर्जा से चलेगा। इसके लिए निजी क्षेत्र की कंपनी एज्युर पॉवर के साथ कॉलेज ने पॉवर खरीद समझौता किया है। इसके तहत कंपनी एक बड़ी क्षमता का ग्रिड सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए लगाएगी।
इसके तहत कॉलेज को सालाना 25 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है। कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आर प्रभाकर राव ने इस समझौते के लिए हस्ताक्षर किए हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी कॉलेज की छत पर 50.22 किलोवाट क्षमता का संयुक्त सौर ऊर्जा उत्पादन का ग्रिड लगाएगी। इसके तहत कॉलेज अगले 25 वर्षों तक 5.80 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदेगा।
कॉलेज का मानना है कि सौर ऊर्जा उत्पादन से पर्यावरण को अत्यधिक लाभ होगा। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र की एजेंसी आईपीजीसीएल इस सौर इकाई के पर्यावरण प्रभाव का अध्ययन शुरुआती दो साल तक करेगी।
माना जा रहा है कि सौर ऊर्जा का प्रयोग करने के कारण 1733.37 टन कॉर्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन को कम करेगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सौर ऊर्जा का प्रयोग करने की शुरुआत दयाल सिंह कॉलेज ने भी की थी।