दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2016-17 में दाखिले के लिए इस बार दो विदेशी ट्रांसजेंडरों ने भी आवेदन किया है। इन दोनों ने ही डीयू में स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया है। वहीं, विदेशों से स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम के मुकाबले स्नातक के लिए ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए जनवरी से आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो 31 मार्च को समाप्त हो गई। अब विदेशों से प्राप्त हुए आवेदनों की छंटनी का कार्य हो रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय में डिप्टी डीन विदेशी छात्र (पंजीकरण) डॉ. अमृत कौर बसरा ने बताया कि इस बार कुल 3,177 आवेदकों ने विदेशी छात्रों की कैटेगिरी के तहत आवेदन किया है। इसमें से ऑनलाइन के तहत 1880 आवेदन प्राप्त हुए हैं, वहीं आईसीसीआर की स्कॉलरशिप के माध्यम से 1297 आवेदन किए गए हैं। इस बार यूजी-पीजी, एमफिल-पीएचडी, एमबीए के लिए 105 देशों से विदेशी छात्रों ने डीयू में पढ़ने में रुचि दिखाई है। डीयू में फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडी की विदेशी कोटा की 10 सीटों के लिए 306 आवेदन आए हैं।
डॉ. बसरा ने बताया कि विदेशी छात्रों का डीयू में पढ़ने का क्रेज दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। इसका अंदाजा इस बार प्राप्त हुए आवेदन फॉर्म की संख्या से लगाया जा सकता है। अब फॉर्म की छंटनी के बाद यह सामने आया है कि पीजी से ज्यादा यूजी के लिए विदेशी आवेदकों ने आवेदन किया है। यूजी स्तर पर कुल 1,106 छात्र-छात्राओं ने विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन किया है, तो पीजी स्तर पर यह संख्या 642 है। यूजी में जहां 594 छात्रों ने आवेदन किया है, वहीं छात्राओं की संख्या 512 है। पीजी स्तर में आवेदन करने वाले आवेदक छात्रों की संख्या 249 और छात्राओं की संख्या 393 है।
किस देश से कौन से पाठ्यक्रम के लिए आवेदन
डॉ. बसरा ने बताया कि इस बार ट्रेंड यह भी है कि यूएई, इथोपिया से हिंदी के लिए, ईरान व वियतनाम से संस्कृत, कनाडा से बंगाली, ईरान से फ्रेंच, वियतनाम से पाली, तिब्बत से जर्मनी, थाइलैंड से स्पेनिश, चीन व इथोपिया से एमए हिंदी के लिए आवेदन आए हैं। इस बार पाकिस्तान के सिंध, सरगौदा, अदीना से तीन आवेदन एमफिल, पीएचडी के लिए प्राप्त हुए हैं। वहीं, बीकॉम ऑनर्स, राजनीति शास्त्र, अंग्रेजी, कंप्यूटर साइंस के लिए भी आवेदन किए गए हैं। इस बार आस्ट्रिया, ब्रूनी, दरोसलमा, कामरोज, हांग-कांग, इजरायल, फिलिस्तीन, सिंगापुर, सेशेल, अफगानिस्तान से भी विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन आए हैं।