छह कोर्सों में दाखिले पर लगाई गई रोक हटी
पंजाब युनिवर्सिटी के एमडीएस डेंटल कालेज में मंगलवार को छह कोर्सों में दाखिले को हरी झंडी मिल गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सोमवार को एकल बेंच की ओर से पीयू डेंटल कॉलेज में सभी छह कोर्सों में दाखिले पर लगाई गई रोक को हटा दी। साथ ही कोर्स शुरू करने की इजाजत दी।
जस्टिस एसएस सारों और हरिंदर सिंह सिद्धू की खंडपीठ के समक्ष दायर पीयू की पैरवी करते हुए एडवोकेट अनमोल रतन सिद्धू ने हाईकोर्ट को बताया कि पीयू डेंटल कॉलेज में दिसंबर, 2014 तक नियमित प्रिंसिपल की नियुक्ति थी। पीयू की ओर से साल 2015 -16 के सत्र के लिए उक्त छह कोर्सों को चलाने की इजाजत मांगी गई थी।
पीयू ने तो कोर्स चलाने की इजाजत दे दी, लेकिन डेंटल काउंसिल आफ इंडिया ने यह कहते हुए कोर्सों की मान्यता रद्द कर दी कि डेंटल कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल की नियुक्ति नहीं है। अनमोल रतन सिद्धू ने हाईकोर्ट से कहा है कि पीयू देश का बेहद प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान है। केवल इस दलील पर कि पीयू डेंटल कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल नहीं है, कॉलेज की मान्यता रद्द नहीं की जा सकती।
डबल बेंच ने इन दलीलों को सुनने के बाद सिंगल बेंच की ओर से पूर्व में जारी किए आदेश को रद्द करते हुए पीयू डेंचल कॉलेज में सभी छह कोर्स शुरू करने की इजाजत दे दी। डबल बेंच के फैसले से पीयू डेंटल कॉलेज में अब कोर्सर्वेटिव डेंटिस्ट्री एंड एंडोडोंटिक्स, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी, ऑर्थोडोन्टक्स एंड डेंटोफेश्यिल ऑर्थोपेडिक्स, परियोडोंटिक्स और परियोडोंटोलॉजी, प्रोस्थोडोन्टिक्स और क्राउन सनद ब्रिजिस के स्पेशियलाइज कोर्स में दाखिले मंगलवार को शुरू हो जाएंगे।
केंद्र सरकार ने पीयू डेंटल कॉलेज में उक्त कोर्सों में दाखिल पर रोक लगाते हुए कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। केंद्र सरकार का कहना था कि डेंटल कॉलेज में नियमित प्रिंसिपल नहीं है। केंद्र के इस फैसले को पीयू ने हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाईकोर्ट की एकल बेंच ने केंद्र के फैसले को सही ठहराते हुए पीयू की याचिका को खारिज कर दिया था। सोमवार को एकल बेंच के फैसले को पीयू ने डबल बेंच में चुनौती दी थी।