प्रदेश के छठी से आठवीं कक्षा वाले 250 और सरकारी स्कूलों में इस सत्र से कंप्यूटर शिक्षा दी जाएगी।
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हिमाचल प्रदेश के छठी से आठवीं कक्षा वाले 250 और सरकारी स्कूलों में इस सत्र से कंप्यूटर शिक्षा दी जाएगी। सर्व शिक्षा अभियान के तहत इन स्कूलों में जून महीने में कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर और एलईडी लगाए जाएंगे। निजी स्कूलों से मुकाबले के लिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को तैयार करने के लिए सरकार ने यह अभियान चलाया हुआ है।
राज्य के 1200 स्कूलों में पहले ही कंप्यूटर लैब बनाई जा चुकी हैं। 250 स्कूलों का इस चरण में कंप्यूटरीकरण किया जाएगा। 250 अन्य स्कूल भी इसी साल आधुनिक बनाए जाएंगे। प्रदेश के कुल 2130 छठी से आठवीं कक्षा वाले स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाई जानी है। सर्व शिक्षा अभियान के कंप्यूटर सिस्टम की खरीद की जाएगी। कंपनियों से इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।
इंफोरमेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों के कंप्यूटरीकरण का काम किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के तहत हर स्कूल में कंप्यूटर लैब बनाई जाएगी। सभी शिक्षकों को कंप्यूटर चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। आईसीटी प्रोजेक्ट के तहत छात्रों की पढ़ाई पहले से ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो जाएगी।
पढ़ाई के इस नए तरीके में बच्चों को हर चीज वीडियो, पिक्चर्स और ग्राफिक्स के जरिये समझाई जाएगी। पढ़ाई का तरीका बदलने वाली ये टेक्नोलॉजी न सिर्फ बच्चों के लिए दिलचस्प है बल्कि टीचर्स के लिए भी आसान होगी।
जून महीने में प्रदेश के 250 और स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाई जा रही है। कंप्यूटर सिस्टम, प्रिंटर, यूपीएस, विभिन्न सॉफ्टवेयर और एलईडी टीवी के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया है। सूबे के 1200 स्कूलों में पहले ही कंप्यूटर लैब बनाई जा चुकी हैं।- घनश्याम चंद, राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान