दिल्ली विश्वविद्यालय के हॉस्टल में हफ्ते तक पानी न मिलने के चलते छात्राओं को विरोध प्रदर्शन करना महंगा पड़ा है। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं के परिजनों को पत्र लिखकर कहा है कि 23 अप्रैल को आपकी बेटियां रातभर हॉस्टल में नहीं थीं।
विवि द्वारा परिजनों को भेजे पत्र के विरोध में पीड़ित छात्राओं ने दिल्ली महिला आयोग से विवि के खिलाफ शिकायत दी है। आयोग को भेजी शिकायत में पीड़ित छात्राओं ने लिखा है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी अंडरग्रेजुएट हॉस्टल में एक हफ्ते से पानी नहीं था।
शिकायत पर जब विश्वविद्यालय प्रबंधन ने बात नहीं सुनी तो करीब दो सौ छात्राओं ने 23 अप्रैल को हॉस्टल के बाहर सड़क पर विरोध दर्ज करवाया था। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस, मीडिया और विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकारी भी मौजूद रहे। हालांकि अब विश्वविद्यालय ने उनके परिजनों को पत्र लिखकर कहा है कि उनकी बेटियां उक्त रात को हॉस्टल में नहीं थीं।
पीड़ित छात्राओं का तर्क है कि आखिर यह विश्वविद्यालय को कौन सा चेहरा है, जिसमें विरोध दर्ज करने पर परिजनों को ऐसे पत्र भेजे जा रहे हैं। जबकि विश्वविद्यालय जानता है कि सभी लड़कियां विरोध में बैठी हुई थीं।