दून विश्वविद्यालय में छात्रों के बीच मारपीट होने के बाद बुधवार को छात्रों की शिकायत पर पुलिस पहुंची। बाद में विवि
प्रशासन ने बीच बचाव करते हुए दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया।
अब शिकायतकर्ता छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन उनके खिलाफ प्रॉक्टर कमेटी बनाकर जांच करने के बहाने उन्हें निष्कासित करना चाहता है।
दून विश्वविद्यालय के छात्र नवनीत राजोरिया ने बताया कि वह मंगलवार को कुलपति प्रो. वीके जैन से इकोनोमिक्स में पीएचडी बंद करने सहित स्कूल ऑफ इकोनोमिक्स की कई समस्याओं को लेकर वार्ता करने गए।
दस छात्रों ने की मारपीट
वहां उनकी कुलपति से नोकझोंक हो गई। छात्र मोहित पांडे, नवनीत और कुलदीप ने बताया कि शाम को जब वह कैंपस में थे तो करीब दस छात्रों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने इसकी लिखित शिकायत थाना नेहरू कालोनी में की। बुधवार को पुलिस विवि परिसर पहुंची।
विवि प्रशासन ने पुलिस यह कहकर लौटा दिया कि यह मामला सुलझा लिया जाएगा। तीनों छात्रों का आरोप है कि अब विवि ने उनके खिलाफ प्रॉक्टर कमेटी का गठन कर दिया है। विवि का मकसद इस बहाने उन्हें निष्कासित करने का है।
हालांकि मामले में विवि के उप कुलसचिव डा. मंगल सिंह मंद्रवाल का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दी गई है। उन्होंने किसी भी तरह की प्रॉक्टर कमेटी की जांच बैठाने की जानकारी से इंकार किया।