निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया है। अभिभावकों के विरोध के बीच शहर के निजी स्कूल चैप्सली में फीस को कम कर दिया गया है। प्रबंधन ने बढ़ाई फीस में छह फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया है। इससे प्रति छात्र करीब 1500 रुपये फीस कम हुई है। करीब बारह सौ छात्र छात्राओं के अभिभावकों को राहत मिली है।
स्कूल के सीईओ कंवर रत्नजीत सिंह के साथ अभिभावकों के प्रतिनिधि ओम प्रकाश ने शुक्रवार को बैठक की। इस दौरान लंबी चरचा के बाद सीईओ ने फीस को कम करने का फैसला लिया। यह पहला मौका है कि शहर के निजी और कान्वेंट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी के फरमान का अभिभावकों ने विरोध किया। विरोध के साथ फीस कम भी करवाई।
तीन मार्च को खुले स्कूलों के बाद जब अभिभावकों के हाथ फीस रसीद आई तो, उन्हें मालूम हुआ कि फीस की पहली किश्त 5500 से 7500 तक हो गई है। फीस बढ़ाने के कारण पूछे गए। जिस पर शुरू में स्कूल ने कई तरह के बढ़े खर्च का हवाला देकर फीस कम करने से इंकार किया।
मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात अभिभावकों से सुनने के बाद स्कूल प्रबंधन ने अभिभावक के एक नुमाइंदे ओम प्रकाश को शुक्रवार को बातचीत के लिए बुलाया। इसमें ही बढ़ाई फीस को छह फीसदी कम करने का फैसला लिया गया।
अभिभावकों की पैरवी करने वाले अभिभावक ओम प्रकाश ने कहा कि यह अभिभावकों की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने स्कूल प्रबंधन का भी अभिभावकों की बात सुनने और उनकी समस्या को सुन कर फीस कम करने का फैसला करने पर आभार जताया।
बढ़े खर्च के कारण बढ़ानी पड़ती है फीस : सीईओ
स्कूल सीईओ कंवर रत्नजीत सिंह ने कहा कि हर साल स्टाफ तथा शिक्षकों की सेलरी सहित अन्य खर्च बढ़ने के कारण फीस बढ़ानी पड़ती है। फीस से होने वाली आय का करीब 70 फीसदी शिक्षकों व स्टाफ के वेतन पर ही खर्च होता है। फीस में करीब 1500 रुपये कम कर दिए गए हैं।
कक्षा 2015-16 2016 अब (कम करने के बाद )
नर्सरी,केजी/पहली दूसरी 18500/20600 22100/24650 21275/23690
तीसरी से पांचवीं 20600 24650 21275
छठी से दसवीं 22100 26150 25415