सीबीएसई बोर्ड ने सभी स्कूलों के लिए बेहद अहम फरमान जारी किया है। कोताही बरती गई तो कार्रवाई की जाएगी। इस फरमान के तहत निजी स्कूल विद्यार्थियों को प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें पढ़ने को मजबूर नहीं करेंगे। बार-बार आगाह करने के बाद भी स्कूल नहीं माने तो सबूत के साथ शिकायत मिलने पर उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है।
इसके लिए 12 अप्रैल को सीबीएसई दिल्ली ने साइट पर सर्कुलर जारी कर दिया है। इसमें साफ किया है कि सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ाएंगे प्राइवेट पब्लिशर्स की नहीं। अगर वे ऐसा करते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि हर जगह निजी स्कूलों में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक आमतौर पर प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें पाठ्यक्रम में लगाई जाती हैं। ये किताबें बहुत महंगी होती हैं और इनमें तगड़ा कमीशन होता है। इससे अभिभावकों की जेब पर डगैरजरूरी बोझ पड़ता है। सीबीएसई के अतिरिक्त निदेशक डा. सुगंध शर्मा ने बताया कि अब निजी स्कूलों के लिए इस संबंध में सर्कुलर जारी कर दिया गया है।
एनसीईआरटी की किताबें ऑनलाइन
सीबीएसई ने 12वीं कक्षा तक की किताबों को ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा दी है। सीबीएसई की वेबसाइट पर ई-सीबीएसई पोर्टल से इनको डाउनलोड किया जा सकता है। किताबें दिल्ली से भी मंगवाई जा सकती हैं।