केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की बारहवीं की परीक्षाओं में गणित के प्रश्नपत्र की केलकुलेशन में छात्र ऐसे उलझे कि कुछ छात्रों के प्रश्न भी छूट गए। परीक्षा के बाद बहुत से छात्र परीक्षा केंद्रों से मायूस निकले। विषय विशेषज्ञ भी छात्रों की राय को सही बता रहे हैं। शिक्षकों के मुताबिक प्रश्न पत्र संतुलित, लंबा और पेचीदा था। इससे काफी छात्रों का समय प्रबंधन गड़बड़ा गया।
सोमवार को हुई गणित की परीक्षा ने छात्रों को मायूस कर दिया है। कॉमर्स व साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए गणित की परीक्षा काफी महत्वपूर्ण होती है। बच्चे इसमें सौ फीसदी अंक पाने की कोशिश करते हैं।
छात्रों के मुताबिक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर ही सवाल आए लेकिन केलकुलेशन काफी ज्यादा थी। कई सवालों में एक से ज्यादा वेल्यू व फॉर्मूले लगाने की जरूरत थी। इससे छात्रों को काफी सोच समझ कर पेपर हल करना पड़ा जिससे समय काफी खराब हुई।
डीएवी स्कूल मौसम विहार की गणित की शिक्षिका हिमाली गुप्ता ने बताया कि प्रश्न पत्र देखकर यही कहा जा सकता है कि प्रश्न पत्र पेचीदा व लंबा था। विषय विशेषज्ञ के रूप में उन्होंने बताया कि ज्योमेट्री में छह अंक का एक ऐसा सवाल था, जिसमें एक से ज्यादा वेल्यू लगानी थी।
कई सवालों में एक से ज्यादा कॉन्सेप्ट इस्तेमाल करने थे। बीते साल गणित परीक्षा के पैटर्न में बदलाव हुआ था इस लिए बच्चों का पेपर थोड़ा खराब हुआ था। इस बार बदलाव पता थे लेकिन लंबा होने के कारण छात्रों को परेशानी हुई। वह कहती हैं कि औसत अंक लाने वाला इस पेपर में 60 अंक तक इसमे ला सकता है जबकि गहनता से प्रैक्टिस करने वाले 100 फीसदी तक लेकर आएंगे।