प्रदेश में डीएड (डिप्लोमा इन एजुकेशन) का सिलेबस बदलेगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। नया सिलेबस राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद् (एनसीटीई) के 2014 रेगुलेशन में बदलाव के आधार पर तैयार किया जाएगा।
बता दें कि एनसीटीई द्वारा जल्द ही नया रेगुलेशन जारी किया जाना है। जिसमें शिक्षकों के शिक्षण को लेकर कुछ नई बातों को जोड़ा जाएगा। एससीईआरटी ने पहले से ही डीएड के सिलेबस में बदलाव की तैयारी कर ली है। अभी तक इसे लेकर विशेषज्ञों के दो वर्कशॉप हो गए हैं। जिनमें कई टॉपिक पर चर्चा हो चुकी है।
अब एनसीटीई के नए रेगुलेशन आने के बाद विशेषज्ञों की वर्कशॉप लगाया जाएगा, जिसके आधार पर कमेटी सिलेबस में बदलाव के लिए अनुशंसा कर शिक्षा मुख्यालय को भेजेगी। सूत्रों की मानें तो एससीईआरटी की ओर से फाउंडेशन कोर्स में कुछ विषयों को जोडने की पहल की जा रही है। इसमें आईटी और तकनीक पर अधिक फोकस करने पर विचार चल रहा है।
बता दें कि प्रदेश में डीएड की न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है। 2010 में योग्यता में फेरबदल के बाद इसमें परिवर्तन किया गया था, फिर इसके बाद कोई परिवर्तन नहीं किया गया था। जबकि निजी स्कूलों में शिक्षण की पद्धति बदलते जा रही है। अब प्रदेश में सरकारी स्कूलों का पाठ्यक्रम भी बदल गया है। तत्कालीन प्रधान सचिव टीसी गुप्ता ने भी पिछले सत्र में सिलेबस में बदलाव करने को कहा था।
अशोक यादव, डीएड प्रभारी, एससीईआरटी: एनसीटीई के नए रेगुलेशन का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद बाकी सिलेबस को लेकर खाका को अंतिम रूप दिया जाएगा। विभाग ने डीएड के सिलेबस में बदलाव का काम शुरू कर दिया है। दो वर्कशॉप हो चुके हैं और जल्द आयोजित किए जाएंगे।