पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में शिक्षक पीठ बनवाने की शुरूआत कर दी। इससे शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शोध किया जाएगा। इसके अलावा शिक्षकों को पढ़ाने एवं उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए बीएड कार्यक्रम को भी चार वर्षीय करने का प्रयास किया जा रहा है।
एनसीटी के चेयरमैन और जामिया के हेड रहे एम.ए.सिद्घकी ने केंद्रीय मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय को एक रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में बीएड को चार वर्षीय बनाने तथा इसके लिए ऑल इंडिया स्तर पर एंट्रेंस एग्जाम कराने के लिए भी सिफारिश की है।
छात्रों का बीएड से हो रहा मोह भंग
बीएड के एक वर्षीय कोर्स से ही छात्र किनारा करने लगे थे और दो साल के कोर्स करने के लिए छात्रों की संख्या कम हो गई। दूसरे शब्दों में कहें तो नौकरी न लगने के कारण छात्र-छात्राओं का बीएड के दो वर्षीय कार्यक्रम से मोह भंग हो गया है।
नीटे से होगा एंट्रेस एग्जाम
अभी तक यूनिवर्सिटी स्तर पर बीएड के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई जाती थी। मगर अब मेडिकल एंट्रेस एग्जाम की तर्ज पर नेशनल एलिजीबिलिटी एंट्रेस टेस्ट फार टीचर्स एजूकेशन (नीटे) माध्यम से ही देशभर में एक साथ एग्जाम कराया जाएगा।