एचपीयू में पीजी डिग्री कोर्स में प्रवेश के लिए स्टूडेंट्स को अब एंट्रेंस टेस्ट देना होगा। रूसा सीबीसीएस के पहले बैच के नए सत्र में पहुंचने पर विवि ने प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव किया है। यूजी डिग्री में एक समान सीजीपीए (क्यूमिलेटिव ग्रेड प्वाइंट एवरेज) होने पर मेरिट बनाने में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर पीजी कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा करवाने का निर्णय लिया है।
यूजी के छठे सेमेस्टर के परिणाम में देरी की संभावनाओं के चलते भी यह कदम उठाया है। फिलहाल, पीजी कोर्स डिप्लोमा के लिए प्रवेश परीक्षा या मेरिट पर प्रवेश देने पर अंतिम निर्णय अधिष्ठाता अध्ययन कार्यालय ने नहीं दिया है। विश्वविद्यालय के पीजी डिग्री कोर्स करवाने वाले टीचिंग विभागों में प्रवेश परीक्षा ही करवाई जानी है।
प्रवेश के लिए होने वाली परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले हर छात्र के लिए यूजी में माइनर विषयों में न्यूनतम क्रेडिट की शर्त रखी है। विवि की अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा ने हर पहलू पर विभागीय चेयरमैन, निदेशकों और संस्थान प्रमुखों से मंत्रणा के बाद प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव पर फैसला लिया है।
आज जारी हो सकता है शेडयूल
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पीजी डिग्री कोर्स के लिए प्रवेश परीक्षा को आवेदन, शर्तों और प्रवेश परीक्षा तिथि का शेडयूल मंगलवार को जारी हो सकता है। अधिष्ठता अध्ययन प्रो. गिरिजा शर्मा ने माना सभी पीजी डिग्री कोर्स में प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर प्रवेश मिलेगा। इसके प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। इसे जल्द वेबसाइट पर उपलब्ध करवाया जाएगा।
इन विभागों के लिए होती है प्रवेश परीक्षा- एमएमसी, एमए एमएससी गणित, एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी, एलएलबी, एमएड, एमएससी जियोग्राफी, एमए इंग्लिश, सोशल वर्क, एमए और एमपीएएड फिजिकल एजूकेशन के लिए पहले से प्रवेश परीक्षाओं के अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाता है। एमबीए जैसे कोर्स के लिए भी प्रवेश परीक्षा होती है।
एमए हिंदी, इतिहास जैसे विषयों में होगा बदलाव- एचपीयू से करवाए जाने वाले एमए हिंदी, इतिहास, राजनीति-शास्त्र सहित उन सभी पीजी कोर्स को प्रवेश परीक्षा के दायरे में लाया गया है। इनमें पहले स्नातक डिग्री की मेरिट के आधार पर खाली सीटें भरी जाती थीं।