नगरी के एक निजी स्कूल के विद्यार्थियों को 10वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय कि पेपर में समय के बाद एंट्री करवाने और पहले पेपर ले लेने के मामले में अब स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों द्वारा ग्रेस मार्क्स देने की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को स्कूल प्रबंधन के साथ जिला सचिवालय आए अभिभावकों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा और कहा कि उनके स्कूल के विद्यार्थियों के साथ ऐसा जानबूझकर किया गया है।
अभिभावकों का नेतृत्व कर रहे अनिल अंडोत्रा ने कहा कि नौ मार्च को हुए अंग्रेजी के पेपर के दिन विद्यार्थियों को करीब 40 मिनट के बाद परीक्षा केंद्र में बैठाया गया और पेपर भी बार-बार बदले गए। ऐसे में विद्यार्थियों को प्रश्नों के उत्तर देने में कम समय मिला और उनका पेपर छूट भी गया।
ऐसे में परीक्षा केंद्र के शिक्षकों और अधीक्षक की लावरवाही के कारण ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पहला पेपर था और पहले ही पेपर में उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों का मनोबल कम हो गया और वह अन्य पेपरों की तैयारी भी सही से नहीं कर पाए। वहीं अभिभावक सुनीता देवी, रजनी देवी, कमलेश कुमारी ने कहा कि उनके बच्चों के साथ भेदभाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त के आदेश के बाद परीक्षा केंद्र तो बदल दिया गया लेकिन जो पेपर हो गया उसे वापस नहीं लिया गया। ऐसे में अब बच्चों को ग्रेस मार्कस दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि जेकेबोर्ड के चेयरमैन को वह ज्ञापन पहले भी सौंप चुके हैं। ऐसे में बच्चों को ग्रेस मार्कस दिए जाने की घोषणा की जाए।