एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि साझा उपयोग के ये प्लांट हर जिले में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक जिला किसी न किसी ओडीओपी उत्पाद के लिए चिह्नित है। मशीनें लगाने का अधिकांश खर्च प्रदेश सरकार उठाएगी। जमीन की व्यवस्था स्थानीय उद्यमियों के समूह को करनी होगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर यह योजना मुरादाबाद, संभल, प्रयागराज व कौशांबी में शुरू की जा रही है। प्रयोग सफल होने पर अन्य जिलों में भी योजना को विस्तार दिया जाएगा।