एपीआई का सबसे बड़ा निर्यातक चीन भारत ही नहीं दुनियाभर के बाजारों पर कब्जा जमाए बैठा है। दुआ ने बताया कि विश्व के 55 फीसदी एपीआई बाजार पर चीन काबिज है, जबकि भारत 58 तरह की एपीआई के लिए चीन पर निर्भर है। इन दवाओं का 70 फीसदी हिस्सा अकेले चीन से आयात किया जाता है। इतना ही नहीं, देश की 373 जरूरी दवाओं की सूची में 200 एपीआई की श्रेणी में आती हैं।
एक्शन में आ सकती है सबसे पुरानी दवा कंपनी
देश की सबसे पुरानी सरकारी दवा कंपनी हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को पुनर्जीवित करने पर भी विचार चल रहा है। कंपनी ने गत फरवरी में सरकार को प्रस्ताव दिया था कि अगर उसे अपग्रेड करने को वित्तीय सहायता मिलती है तो वह देश में ऐसी दवाओं की जरूरत का 50% अकेले बना सकती है। अगर सरकार की योजना सफल रहती है तो भारतीय दवा निर्माताओं को निर्यात से 23 हजार करोड़ की कमाई हो सकती है।