अगले महीने से रोजाना पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव होगा। तेल कंपनियों ने इसके लिए तैयारी भी कर ली है। अभी फिलहाल यह योजना देश के पांच शहरों में पायलट बेसिस पर शुरू होगी, लेकिन अगर यह प्रयोग सफल रहा तो इसको पूरे देश में लागू किया जाएगा। इस नियम के लागू हो जाने से आपकी जेब पर डाका पड़ने की संभावना है।
रोजाना घटेगी-बढ़ेगी तेल की कीमतें
तेल कंपनियों की मानें तो पूरे विश्व के कई देशों में इस तरह से हो रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेंगे और घटेंगे। हालांकि प्रतिदिन कीमतों में होने वाला बदलाव कुछ पैसों में ही होगा। एक रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी बहुत कम बार होगी, ऐसा अनुमान तेल कंपनियों ने लगाया है। इससे तेल कंपनियों को जहां ज्यादा घाटा नहीं उठाना पड़ेगा, वहीं आम आदमी पर इसका बोझ ज्यादा पड़ सकता है।
रोजाना पेट्रोल लेने वाले दोपहिया चालकों पर पड़ेगा ये असर
पेट्रोल के दाम रोजाना तय होने से इसका असर उन लोगों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा जो प्रतिदिन 100-50 रुपये का पेट्रोल लेते हैं। हालांकि जो लोग एक साथ 100 से 500, 1000 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल लेते हैं उन पर इसकी मार कम पड़ेगी।
डीजल के रेट बढ़ने से पड़ेगा ये असर
डीजल का रोजाना प्रयोग ज्यादातर मालभाड़े की ढुलाई करने वाले वाहन जैसे की ट्रक, मिनी ट्रक,टेम्पो, ऑटो करते हैं। ऐसे में दूरदराज के क्षेत्रों से फल, सब्जी, दूथ की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा प्राइवेट और सरकारी बसों के किराये पर भी असर पड़ने की संभावना है। इससे जहां एक किराया भी नहीं रहेगा। रोजाना किराया घटने-बढ़ने से लोगों को आने-जाने में परेशानी भी हो सकती है।
सरकार और कंपनियों को होगा केवल फायदा
तेल कंपनियों के इस फैसले से केवल उन्हें और सरकार को फायदा होने की उम्मीद है। इससे जहां कंपनियों को अपना घाटा कम करने में मदद मिलेगी, वहीं सरकार को तेल कंपनियों को घाटे की भरपाई करने के लिए बांड जारी नहीं करना पड़ेगा। वहीं सरकार के खजाने में टैक्स के रुप में मोटी रकम आने की संभावना है।