मूडीज द्वारा भारत की रेटिंग में इजाफा करने से सरकार और शेयर बाजार में खुशी का माहौल है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी हो जाता है कि इससे अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा।
मूडीज की रेटिंग से उत्साह में सरकार, भारत को दुनियाभर से सस्ते कर्ज का रास्ता हुआ साफ
क्या है मूडीज: दुनिया की तीन बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक मूडीज है। दो अन्य रेटिंग एजेंसियों में फिच और स्टैंडर्ड एंड पूअर्स शामिल हैं। वर्ष 1908 में मूडीज की स्थापना की गई थी। यह एजेंसी सरकारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा जारी बांड पर आधारित वित्तीय अनुसंधान करती है। इसी आधार पर वह देश की क्रेडिट रेटिंग जारी करती है। कुल मिलाकर उसकी रेटिंग के आधार पर यह तय होता है कि अमुक देश में निवेश कितना सुरक्षित है। मूडीज एएए से लेकर सी तक की रेटिंग जारी करती है। एएए सबसे बेहतर और सी सबसे खराब रेटिंग है।