वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को पेश किए गए आम बजट 2021-22 की तारीफ करते हुए अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं साझेदारी मंच (USISPF) ने इसे साहसिक और दूरदर्शी बताया, जो अर्थव्यवस्था को एक वृद्धि के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ाएगा।
5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक
यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि, 'हम भारत के बजट की सराहना करते हैं। यह अर्थव्यवस्था को वृद्धि के रास्ते पर ले जाने वाला और साहसिक कदम है। बजट भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायक है।' उन्होंने कहा कि बजट में अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कृषि, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रक्षा में सरकारी खर्च बढ़ा है।
भारत की वृद्धि में सहभागी बनेगा वैश्विक निवेशक समुदाय
उन्होंने आगे कहा, 'हम मानते हैं कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश के साथ ही बीमा जैसे क्षेत्रों को खोलने और कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार के लिए एक संस्थागत ढांचा स्थापित करने से अर्थव्यवस्था को काफी लाभ होगा।' उन्होंने कहा कि यूएसआईएसपीएफ को विश्वास है कि वैश्विक निवेशक समुदाय अगले 12 से 24 महीनों में भारत की वृद्धि में सहभागी बनेगा।
बोस्टन स्थित भारत - केंद्रित चैंबर ऑफ कॉमर्स ने कहा कि आम बजट में स्वास्थ्य सेवा पर खर्च बढ़ने से भारत एक स्वस्थ देश की ओर बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे पर जोर वृद्धि को बढ़ावा देगा और रोजगार पैदा करेगा। यूएसडी इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष करुण ऋषि ने कहा कि वित्त मंत्री ने कोविड-19 महामारी के प्रकोप के बीच वृद्धि - केंद्रित बजट पेश करने में एक उल्लेखनीय काम किया है और यह एक पारदर्शी बजट है।
ऑस्ट्रेलिया में कठिन परिस्थितियों में भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन से जिक्र करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद दुनिया में सही मायनों में भारत संभावनाओं और उम्मीदों की धरती बनने के लिए तैयार है। वित्त वर्ष 2021-22 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि दो विश्व युद्धों के बाद जैसा हुआ था, ऐसे संकेत हैं कि कोरोना के बाद की दुनिया में राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक संबंधों में बदलाव आ रहा है। इतिहास में यह क्षण नए युग की शुरुआत है।
उन्होंने कहा कि देश में अभी दो वैक्सीन उपलब्ध हैं और इनसे न केवल अपने नागरिकों को कोविड-19 से सुरक्षित किया जा रहा है बल्कि 100 और देशों को भी इसे मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह राहतभरी बात है कि दो और वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद है।