Budget 2024 Key Points Highlights: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लगातार सातवीं बार आम बजट पेश किया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में ही कह दिया कि हमारा ध्यान गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता पर है। यानी वह चार जातियां, जिनका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते आए हैं। बजट 2024-25 में इन चार जातियों के लिए खूब सारे प्रावधान हैं। नौकरियों की भी खूब बात की गई है। उद्योगों और स्टार्ट-अप्स के लिए बड़ी घोषणाएं की गई हैं। आइए इन सवालों से समझते हैं कि आपकी जिंदगी को यह बजट किस तरह प्रभावित करने वाला है?
आयकर कम होगा या बढ़ेगा?
शेयर मार्केट तो धड़ाम हो गए, मेरी बचत का क्या होगा?
सरकार चाहती है कि आप पैसा बचाने के बजाय खर्च करने के विकल्प को चुनें। आयकर की नई स्कीम इसी मंत्र को आगे बढ़ाती है। आयकर में सेविंग के लिए जो राहत प्रदान की जाती है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया है। यदि आप अपनी बचत को शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं तो वह भी आकर्षक नहीं रह गया है। सरकार ने शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। इसके अलावा हर लेन-देन पर लगने वाला एसटीटी भी बढ़ाया है। इसका ही नतीजा है कि बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार धड़ाम से गिर गए।
अब कुछ संपत्तियों पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन 20 प्रतिशत तक लगेगा और अन्य वित्तीय व गैर-वित्तीय संपत्तियों पर आयकर के प्रावधानों के तहत टैक्स लगता रहेगा। कैपिटल गेन्स बचत की सीमा को 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ष किया है। कुछ संपत्तियों पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स को बढाकर 12.5 प्रतिशत किया है। असूचीबद्ध बॉन्ड, डेट म्युचुअल फंड्स पर मौजूदा टैक्स रेट लागू होंगे।
इस साल जिन राज्यों में चुनाव है, उन्हें क्या मिला?
इस साल महाराष्ट्र, हरियाणा, झारखंड के साथ ही जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों को क्या मिला-
महाराष्ट्रः आम बजट में नरेंद्र मोदी सरकार में गठबंधन वाली पार्टियों की सत्ता वाले आंध्र प्रदेश और बिहार का जिक्र तो आया लेकिन महाराष्ट्र का एक बार भी नाम नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महायुती सरकार इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में अपनी ताकत कायम रखना चाहती है। महायुती में भाजपा के साथ-साथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार के धड़े वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शामिल है। हालांकि, इसके बाद भी बजट प्रस्तावों में महाराष्ट्र के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है।
झारखंडः निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में झारखंड का नाम तो लिया लेकिन पूर्वी भारत के समग्र विकास के संबंध में जिक्र भर था। झारखंड में इंडिया ब्लॉक की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की सरकार है। सीतारमण ने कहा कि पूर्वोदय के तहत इन राज्यों में मानव संसाधन विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के अवसरों के सृजन पर काम किया जाएगा ताकि विकसित भारत में पूर्वी भारत के राज्य इंजिन बन सके।
जम्मू-कश्मीरः केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को केंद्रीय बजट में 42,277 करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है। इस समय यह राज्य पूरी तरह से केंद्र सरकार के नियंत्रण में है। यह फंडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ ही जनकल्याण कार्यक्रमों और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए की जा रही पहल पर खर्च होगी क्योंकि यह राज्य भी चुनाव की तैयारियों में जुटा है।
हरियाणाः महाराष्ट्र की ही तरह हरियाणा में भी भाजपा की सरकार है लेकिन केंद्रीय बजट में इसका जिक्र तक नहीं किया गया।
घर खरीदने के सपने का क्या होगा?
स्टाम्प ड्यूटी कम होगी तो घर की लागत कम होगी। सरकार महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने को प्रोत्साहित कर रही है। महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट देने का आग्रह वित्तमंत्री ने राज्य सरकारों से किया है। यदि आपकी राज्य सरकार केंद्र के आग्रह को मान लेती है तो संपत्ति खरीदने की लागत कम होगी। इससे यह एक अच्छा निवेश विकल्प बनेगा।
बच्चों की पढ़ाई की लागत कम होगी या नहीं?
लागत तो कम नहीं होगी लेकिन उच्च शिक्षा के लिए पैसा जुटाना थोड़ा आसान होने वाला है। देश में स्थित उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए दस लाख रुपये तक के एजुकेशन लोन पर कुल लोन राशि पर तीन प्रतिशत तक की एनुअल इंटरेस्ट सबवेंशन का लाभ मिलेगा। इसके लिए एक लाख स्टूडेंट्स को सीधे ई-वाउचर दिए जाएंगे।