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GST: सरकार की नजर में एक समान हैं गरीब और अमीर, मर्सीडीज और बैलगाड़ी के टायर पर लगाया एक समान टैक्स

Fri, 26 May 2017 10:32 PM IST
शिशिर चौरसिया, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में भले ही आम नागरिकों के उपयोग के सामानों पर यथासंभव कर से छूट या कम कर लगाने की कोशिश की गई हो लेकिन इसमें वैसे किसानों को घाटा होगा, जो ट्रैक्टर और बैलगाड़ी के सहारे खेती करते हैं।
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इसकी वजह ट्रैक्टर, बैलगाड़ी या भैंसा बुग्गी के टायर और ट्यूब के लिए कर की दर 28 फीसदी तय करना है। ऐसी स्थिति से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और जीएसटी पर राज्य के वित्त मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह के अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा को चिट्ठी लिख कर कर की दरें कम करने का अनुरोध किया गया है।    
  
जीएसटी परिषद की बीते दिनों श्रीनगर में हुई 14वीं बैठक में विभिन्न वस्तुओं से लेकर सेवाओं तक के लिए जीएसटी स्लैब की जो सहमति बनी, उसमें सभी किस्म के टायरों और ट्यूब के लिए 28 फीसदी की अधिकतम दर तय की गई है।
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चाहे टायर व ट्यूब का उपयोग कार में हो रहा हो, ट्रैक्टर या ट्रैक्टर ट्रॉली में हो रहा हो या बैलगाड़ी-भैंसा बुग्गी में हो रहा हो, जीएसटी में सब के लिए एक ही दर है। हालांकि अभी जो राज्यों में वैट की व्यवस्था चल रही है, उसमें कार के टायर और ट्रैक्टर के टायर पर कर की दरों में अंतर है।

बैलगाड़ी या भैंसा बुग्गी के टायर और ट्यूब पर तो उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा जैसे राज्यों में वैट की दर शून्य है तो कुछ राज्यों में पांच फीसदी तक है।      
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कार विलासिता की सामग्री, जबकि ट्रैक्टर है जरूरत

बाजपुर के गांव बैंतखेड़ी क्षेत्र से जबरन अवैध खनन से भरा ट्रैक्टर ट्राली को ले जाता आरोपी - फोटो : अमर उजाला
ऑल इंडिया टायर डीलर्स फेडरेशन (एआईटीडीएफ) के संयोजक एसपी सिंह ने अरुण जेटली, राधा मोहन सिंह और अमित मित्रा को लिखे पत्र में ट्रैक्टर व ट्रैक्टर ट्राली के टायरों तथा बैलगाड़ी के टायरों पर जीएसटी की दरें फिर से निर्धारित करने की मांग की है।

अमर उजाला से बातचीत में सिंह ने कहा कि कार विलासिता की सामग्री है, इसलिए इस पर जीएसटी की उच्चतम दर 28 फीसदी रखी गई है। इसे लोग मानेंगे भी लेकिन यदि कार और बैलगाड़ी को एक ही श्रेणी में रखेंगे तो किसानों को बड़ा घाटा होगा।

ट्रैक्टर से खेती करना आवश्यकता है कोई लग्जरी नहीं। उसी तरह बैलगाड़ी या भैंसा बुग्गी का उपयोग भी जरूरी है।       

ट्रैक्टर पर 12% जीएसटी तो इसके टायर पर 28% क्यों      
सिंह कहते हैं सरकार ट्रैक्टर की महत्ता समझती है, इसलिए इसे 12 फीसदी वाले कर स्लैब में रखा गया है। जब ट्रैक्टर पर 12 फीसदी का जीएसटी है तो फिर उसके टायरों और ट्यूब पर 28 फीसदी का जीएसटी कुछ अजीब लगता है। इसलिए उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि इसे भी 12 फीसदी स्लैब में रखा जाए।   
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