एक तरफ कोरोना से देश में कारोबार सुस्त हो रहा है तो दूसरी तरफ शेयर बाजार नई ऊंचाईयों को छू रहा है। शेयर बाजार में आई तेजी से टाटा ग्रुप की कंपनियों को खूब फायदा हुआ है। टाटा समूह की शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप यानी बाजार पूंजीकरण 14.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है। टाटा ग्रुप ने मार्केट कैप की रेस में रिलायंस और एचडीएफसी ग्रुप को भी पीछे छोड़ दिया है।
दूसरे नंबर पर एचडीएफसी ग्रुप
एचडीएफसी ग्रुप का मार्केट कैप 13.72 लाख करोड़ रुपये तो रिलायंस का 12.27 लाख करोड़ रुपये है। टाटा ग्रुप की 28 कंपनियां लिस्टेड हैं, इसमें से आठ कंपनियों का मार्केट कैप 20,000 करोड़ से भी ज्यादा है। इन सभी कंपनियों में सबसे ज्यादा फायदा और सबसे ज्यादा मार्केट कैप आईटी कंपनी टाटा कंसेल्टेंसी सर्विसेज का है। यह टाटा समूह की सितारा कंपनी बन गई है। वहीं टाटा मोटर्स सबसे ज्यादा घाटा दे रही है।
टीसीएस को 33,260 करोड़ रुपये का फायदा
सोमवार को टीसीएस का मार्केट कैप 10.21 लाख करोड़ रुपये रहा। 2019-20 में कंपनी का राजस्व 1.31 लाख करोड़ रुपये था और फायदा 33,260 करोड़ रुपये था। वहीं इसका शेयर जनवरी में 2,170 रुपये था जो अब 2,722 रुपये हो गया है यानी कि टीसीएस के शेयर ने 25 फीसदी का मुनाफा दिया है।
टाटा मोटर्स ने दिया सबसे ज्यादा घाटा
टाटा मोटर्स का मार्केट कैप 53,145 करोड़ रुपये है। इसका राजस्व 43,928 करोड़ रुपये है लेकिन ये कंपनी लगातार घाटा दे रही है। 2019-20 में कंपनी का घाटा 7,289 करोड़ रुपये रहा, इसके शेयर ने भी फायदा नहीं दिया। यह जनवरी में 176 रुपये का था और अब 172 रुपये पर ट्रेडिंग कर रहा है।
टाटा कंज्यूमर्स ने भी दिया फायदा
टाटा कंज्यूमर्स भी फायदा दे रही है। इसका मार्केट कैप 48,293 करोड़ रुपये है और राजस्व 5,690 करोड़ रुपये है। इस कंपनी का मुनाफा 523 करोड़ रुपये है, यह रिटेल सेक्टर की कंपनी है और इस कंपनी ने लगभग 20 फीसदी का मुनाफा दिया है। जनवरी में इसका शेयर 383 रुपये का था जो अब 521 रुपये का हो गया है।
बता दें कि टाटा ग्रुप की स्थापना साल 1868 में जमशेदजी टाटा ने की थी। ग्रुप का कारोबार दुनिया में 100 से ज्यादा देशों में है। टाटा कंपनियों की प्रमोटर टाटा संस है। टाटा समूह में 7.20 लाख कर्मचारी काम करते हैं।