सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को लोन मोरेटोरियम की अवधि को बढ़ाने और टर्म लोन पर लगने वाले ब्याज पर लगने वाले ब्याज को माफ करने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी। विभिन्न उद्योग निकायों की ओर से ये याचिकाएं कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए दायर की गई हैं।
उच्चतम न्यायालय की तीन जजों की बेंच ने विभिन्न उद्योग निकायों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रहा है। इसकी अध्यक्षता जस्टिस अशोक भूषण कर रहे हैं। न्यायालय बैंकों द्वारा कर्जदारों से ब्याज पर ब्याज की वसूली पर रोक का आग्रह करने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर ग्राहकों को ऋण की किस्तों के भुगतान पर रोक की सुविधा उपलब्ध कराई थी। इसी कड़ी में बैंकों ने इस सुविधा का लाभ लेने वाले ग्राहकों से ऋण की मासिक किस्तों (ईएमआई) के ब्याज पर ब्याज वसूला है, जिसे शीर्ष अदालत में चुनौती दी गई है।