मौजूदा समय में देश के विभिन्न राज्यों में चीनी की औसत थोक कीमत 30 से 35 रुपये चल रही है। अगर 5 प्रतिशत उपकर सरकार की ओर से लगाया जाता है, तो चीनी की कीमत प्रति किलो पौने दो रुपये तक बढ़ सकती है। थोक बाजार में चीनी की एक्स फैक्ट्री कीमत घटकर उत्पादन लागत की तुलना में करीब 8 रुपये प्रति किलो नीचे आ गई है।
उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में चीनी के एक्स फैक्ट्री भाव घटकर 2,800 से 2,950 और महाराष्ट्र में इसके भाव घटकर 2,700 से 2,800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। इसके चलते सरकार उपकर को ही तत्काल राहत का कदम मान रही है।
वर्ष 2015-16 में भी केंद्र ने प्रति क्विंटल 4.50 रुपये सीधे गन्ना किसानों के खाते में जमा किए थे, जिससे उद्योग को बड़ी राहत मिली थी। मूल्य का यह अंतर गन्ने के उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) पर दिया गया था।
अभी और बढ़ेगा गन्ना बकाया
कृषि, खाद्य एवं उपभोक्ता, पेट्रोलियम और सड़क-परिवहन मंत्री की बैठक में चीनी पर उपकर लगाने के अलावा, किसानों को उत्पाद पर सब्सिडी दिए जाने और एथेनॉल में जीएसटी कम किए जाने पर विचार किया था। गौरतलब है कि मौजूदा समय में किसानों की बकाया राशि 18,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है। अनुमान है कि बकाया धनराशि सीजन के अंत तक बढ़कर 20 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी।