दिल का इलाज यानी की बाईपास अथवा एंजियोप्लास्टी कराना एक बार फिर से महंगा हो सकता है। सरकार और नेशनल फॉर्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) पर स्टेंट बनाने वाली कंपनियां लगातार दबाव बना रही हैं कि वो स्टेंट पर लगाए गए प्राइस कैप को हटाएं, वर्ना वो अच्छी क्वालिटी वाले महंगे स्टेंट की आपूर्ति को रोक देंगे। इसका फैसला अगले साल जनवरी-फरवरी के बीच लिया जाएगा।
अस्पतालों ने बढ़ा दिया था खर्च
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनपीपीए ने जब से दिल के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टेंट की कीमतों पर लगाम लगाई है, तब से लेकर अभी तक तमाम अस्पतालों ने अन्य खर्चों में बढ़ोतरी कर दी है। इससे जैसा सोचा जा रहा था कि बाईपास कराना सस्ता हो जाएगा, वैसा नहीं हुआ। स्टेंट का प्रयोग बाईपास सर्जरी और एंजियोप्लास्टी दोनों में होता है। पहले एंजियोप्लास्टी की जाती है, अगर मरीज को इससे कोई लाभ न मिले तो फिर इसे बाईपास सर्जरी के द्वारा ग्राफ्टिंग का इस्तेमाल किया जाता है।