आर्थिक संकट के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की कमी से जूझ रहा श्रीलंका रूस से तेल निर्यात करने की संभावनाओं को तलाश रहा है। श्रीलंका के एक सीनियर मंत्री ने रविवार को यह बात कही है। तटीय देश श्रीलंका विदेशी मुद्रा की कमी के कारण गंभीर तेल संकट के दौर से गुजर रहा है। उसे तेल का आयात करने के लिए भारत के क्रेडिटलाइन का उपयोग करना पड़ रहा है। इस उसके बावजूद वहां पेट्रोल और डीजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है।
आपको बता दें कि रविवार की रात 2 बजे से श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल की कमी को देखते हुए कीमतों में क्रमशः 50 और 60 लाख रुपये श्रीलंकाई रुपये की बढ़ोतरी की गयी है।
श्रीलंका की सरकार की ओर से यह कदम सरकारी स्वामित्व वाली पेट्रोलियम कंपनी सीलोन पेट्रोलियम कॉरपोरेशन की ओर से दी गयी उस सूचना के बाद उठाया गया है जिसमें कंपनी की ओर से सरकार को बताया गया था कि बैंकिंग और लॉजिस्टिक्स कारणों से फ्यूल शिपमेंट्स के श्रीलंका पहुंचने में देरी होगी।
इस बीच, श्रीलंका सरकार में ईंधन मंत्री कंचना विजेशेखरा ने कहा है कि सरकार रूस से ईंधन खरीदने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। श्रीलंकाई मंत्री की ओर से कहा गया है कि हम डिप्लोमेटिक चैनल्स को खंगाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि, तेल का अखिरी जहाज जिसे श्रीलंका पहुंचना था वह रूस का ही था। रूस का जहाज होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बैंकों ने हमारे पहले क्रेडिट लेटर को रिजेक्ट कर दिया है, जिससे जहाज के श्रीलंका पहुंचने में देरी हो रही है। विजेशेखरा ने ये बातें रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कही है।
उन्होंने कहा है कि श्रीलंका के दो मंत्री ईंधन और दूसरे राजनयिक मसलों पर चर्चा करने के लिए सोमवार को रूस जाएंगे। पिछले हफ्ते कोलंबों में रूसी दूतावास के सुझाव पर श्रीलंका सरकार ने क्रूड ऑयल की खरीदारी के लिए कई कंपनियों से संपर्क किया था।
श्रीलंकाई मंत्री ने कहा है कि फ्यूल शिपमेंट्स जिनके श्रीलंका पहुंचने में देरी हो रही है, कब तक श्रीलंका पहुंचेंगे यह अभी बता पाना मुश्किल है। हालांकि उन्होंने जोर देकर यह बात की है कि मंत्रालय के चार समूह फ्यूल इंपोर्ट्स को सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
वहीं सरकार ने देश में पेट्रोल पंपों पर तेल के लिए कतार में लोगों को राहत देने के लिए टोकन सिस्टम इम्प्लीमेंट करने का निर्णय लिया है, ताकि लोगों को तेल मिलना सुनिश्चित हो सके। टोकन सिस्टम श्रीलंका में सोमवार से प्रभावी होगा इसके लिए सरकार ने पुलिस और सेना के जवानों को सहायता करने को कहा है।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी श्रीलंका पहुंचा
उधर, श्रीलंका में जारी गंभीर आर्थिक संकट के बीच श्रीलंका की टॉप लीडरशिप से बातचीत के लिए एक उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधमंडल रविवार को श्रीलंका पहुंचा है। खबरों के मुताबिक यह प्रतिनिधिमंडल तटीय देश श्रीलंका को अभूतपूर्व आर्थिक संकट से निकलने के लिए उठाए जाने वाले प्रभावशाली कदमों कदमों पर शीर्ष नेताओं से विचार-विमर्श करेगा।
श्रीलंका में अमेरिका के राजदूत जूली चंग ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का चार दिनों का यह दौरा श्रीलंकाई जनता की सुरक्षा और समृद्धि के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा प्रयास है कि आर्थिक संकट की इस समस्या से हम श्रीलंका को बाहर निकालें और यहां की लोकतांत्रिक संस्थाओं को जो अब तक के सबसे खराब दौर से गुजर रही हैं को मजबूत बनाने में श्रीलंका की मदद करें। अमेरिकी प्रतिनिधमंडल में डेप्युटी असिस्टेंट सेक्रेट्री ऑफ ट्रेजरी फॉर एशिया, राजदूत केली कैडरलिंग, डेप्युटी असिस्टेंट सेक्रेट्री ऑफ स्टेट फॉर साउथ और सेंट्रल एशिया शामिल हैं।