वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई बैंक लोन ट्रांसफर मामले में विशेष पीएमएलए अदालत ने व्यवसायी दीपक कोचर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोचर19 सितंबर से इडी की हिरासत में हैं। बता दें कि दीपक कोचर आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व अधिकारी चंदा कोचर के पति हैं।
कोचर दंपती की अटैच संपत्तियों से जुड़ी ईडी की याचिका खारिज
मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में निर्णय करने वाले एक प्राधिकरण ने आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन ऋण मामले में बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर व उनके पति की अटैच संपत्तियां से जुड़ी ईडी की याचिका खारिज कर दी। ईडी ने कोचर का फ्लैट और नूपावर रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड की विभिन्न बिजली संपत्तियों समेत 10.5 लाख नकदी अटैच की है।
न्यायिक अधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष तुषार वी शाह ने अपने आदेश में कहा, इस मामले में लंबी सुनवाई की संभावना से यह सिद्ध नहीं होता कि संपत्तियों को छिपाया या हस्तांतरित किया जा सकता है। उन्होंने कहा, दीपक वीरेंद्र कोचर के नाम पर दर्ज मुंबई के चर्चगेट वाले फ्लैट का मनी लॉन्ड्रिंग से कोई संबंध नहीं जान पड़ता।
ईडी द्वारा अटैच 10.5 लाख रुपये की नकदी का भी मनी लॉन्ड्रिंग से सीधा जुड़ाव सामने नहीं आया। न्यू रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी न्यू पावर विंडफार्म्स व ईचंद्रा ऊर्जा की अटैच संपत्ति भी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी नहीं है।
ईडी ने मार्च 2019 में चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर के साउथ मुंबई स्थित फ्लैट, न्यू पावर रिन्यूएबल्स की चल अचल संपत्तियां और 10.5 लाख रुपये नकद अटैच किए थे। कोचर दंपती ने इस कार्रवाई को न्यायिक अधिकरण के समक्ष चुनौती दी थी। इसके खिलाफ ईडी ने याचिका दी थी जिसे अधिकरण ने खारिज कर दिया।
क्या है मामला
एजेंसी के अनुसार जब चंदा कोचर आईसीआईसीआई बैंक के ऋण स्वीकृति पैनल की अध्यक्ष थीं, तब वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को मंजूर किए गए 300 करोड़ रुपये के लोन में से वीडियोकॉन ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी न्यूपावर रिन्युएबल्स प्राइवेट लिमिटेड को 64 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दी थी।