कोरोना संकट और फिर लागू हुए लॉकडाउन की वजह से पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को सही रास्ते पर लाने के लिए मोदी सरकार ने गुरुवार को 2.65 करोड़ रुपये के एक और राहत पैकेज की घोषणा की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल में आए आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आत्मनिर्भर भारत 3.0 का एलान कर दिया।
ये है आत्मनिर्भर भारत का फायदा
सीतारमण ने कहा कि देश में निवेश बढ़ रहा है। आत्मनिर्भर भारत के तहत उठाए गए कदम से मजदूरों को फायदा हुआ है। किसानों को राहत देने के नतीजे भी अच्छे आए हैं। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन स्कीम (ईसीजीएलएस) के अंतर्गत 61 लाख कर्जदारों को 2.05 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इनमें से 1.52 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। बैंकों ने 157.44 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं और उन्हें दो चरणों में 1,43,262 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग ने सक्रियता और तेजी दिखाते हुए 1.32 लाख करोड़ रुपये का रिफंड दिया है।
वहीं प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा के तहत 1681 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। नाबार्ड के जरिए 25 हजार करोड़ रुपये की कार्यशील पूंजी आवंटित की गई है। रेलवे में माल ढुलाई 20 प्रतिशत बढ़ी है। बैंक कर्ज वितरण में 5 प्रतिशत की बढ़त हुई है। अक्तूबर-दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था बेहतर होगी। एफपीआई का नेट निवेश भी सकारात्मक रहा है। जीएसटी कलेक्शन 10 प्रतिशत बढ़ा है। विदेशी मुद्रा भंडार भी 560 अरब डॉलर के रिकॉर्ड पर पहुंच गया है।
मूडीज ने रेटिंग में किया सुधार
वित्त मंत्री ने कहा कि हाल के आंकड़े अर्थव्यवस्था में सुधार के संकेत दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने यह संकेत दिया है कि तीसरी तिमाही में ही इकोनॉमी पॉजिटिव जीडीपी ग्रोथ हासिल कर सकती है। मूडीज ने भी भारत की रेटिंग में सुधार किया है। पहले हमारी रेटिंग जहां 9.6 निगेटिव थी अब इसे घटाकर 8.9 निगेटिव कर दिया गया है। इसी तरह 2022 के अनुमान को 8.1 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.6 प्रतिशत कर दिया है। यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट रही है।