केंद्र सरकार ने कंपनियों को अनबिके पैकेटबंद उत्पादों पर अगले साल 31 मार्च तक अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का स्टिकर चिपकाने की छूट दे दी है, जिससे ग्राहकों को जीएसटी के बाद के मूल्य की सूचना दी जा सके। उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जीएसटी के मामले में सरकार ने कंपनियों को अनबिके पैकेटबंद उत्पादों पर इस साल दिसंबर तक नए मूल्य वाले स्टिकर चिपकाने की मोहलत दी थी लेकिन जीएसटी काउंसिल की पिछली बैठक में 200 उत्पादों पर जीएसटी दरों में कमी की गई है।
इसके मद्देनजर स्टिकर चिपकाने की छूट को अगले साल मार्च तक बढ़ाया जा रहा है। इस बैठक में दैनिक उपयोग के 178 उत्पादों को 28 फीसदी के स्लैब से हटाकर 18 फीसदी के दायरे में लाया गया था, जबकि सभी रेस्त्राओं पर एकसमान पांच फीसदी की दर लागू की गई थी। याद रहे कि जीएसटी को इस साल 1 जुलाई को लागू किया गया था।
वित्त मंत्रालय की मंजूरी के बाद उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने पुराने स्टॉक बेचने की समय सीमा बढ़ाए जाने की अधिसूचना जारी कर दी। पासवान ने कहा कि बाजार से पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।