डॉलर में आ रही मजबूती, विदेशी निवेश के प्रवाह की कमी और बढ़ती तेल कीमतों की चिंता से रुपये पर दबाव बना रह सकता है और यह इस सप्ताह प्रति डॉलर 70 के स्तर से भी नीचे गिर सकता है। यह बात बैंक अधिकारियों ने कही। 28 जून को रुपया 69.10 के रिकार्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था। बृहस्पतिवार को यह 68.95 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
घट गई है डॉलर की मांग
एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी ने कहा कि तेल की ऊंची कीमतें और तेल कंपनियों व साधारण आयातकों द्वारा डॉलर की मांग के कारण चालू खाता घाटा बढ़ने की चिंता से रुपया प्रभावित हो रहा है। यह इस सप्ताह 70 के स्तर को छू सकता है, लेकिन वहां बना नहीं रहेगा।
बैंक के एक ट्रेजरर ने कहा कि विदेशी ऋण चुका रही कंपनियां भी डॉलर जमा कर रही हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि आरबीआई रुपये को 69.30 से नीचे नहीं गिरने देगा। यदि यह इससे नीचे गिरता है, तो तुरंत ही यह 70 के स्तर को छू लेगा।
इस वजह से बना है दबाव
विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध के कारण सभी एशियाई मुद्राओं पर दबाव है, लेकिन रुपये पर सर्वाधिक बुरा असर पड़ा है। एक अन्य बैंक अधिकारी ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में भी व्यापार युद्ध के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेश घटा है।