अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर सरकार को दोहरा झटका लगा है। एक तरफ जहां मुद्रास्फीति बढ़ी है वहीं ओद्यौगिक उत्पादन भी घटा है। खाने पीने की चीजों के दाम चढ़ने से नवंबर माह में खुदरा मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 5.54 फीसदी पर पहुंच गई। यह इसका तीन साल का उच्चस्तर है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इसी साल अक्तूबर में 4.62 फीसदी और नवंबर, 2018 में 2.33 फीसदी रही थी।
वहीं अक्तूबर में औद्योगिक उत्पादन 3.8 फीसदी गिरा। जबकि एक साल पहले इसी महीने में औद्योगिक उत्पादन 8.4 फीसदी बढ़ा था। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के रूप में मापा जाता है। विनिर्माण क्षेत्र में नरमी दर्ज की गई है। इसमें अक्तूबर महीने में 2.1 फीसदी की गिरावट आई जबकि एक साल पहले इसी महीने में 8.2 फीसदी की वृद्धि हुई थी।
आंकड़े के अनुसार बिजली उत्पादन में अक्तूबर 2019 में तीव्र 12.2 फीसदी की गिरावट आई जबकि पिछले साल इसी महीने इसमें 10.8 फीसदी की वृद्धि हुई थी। खनन उत्पादन भी आलोच्य महीने में 8 फीसदी गिरा जबकि पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में इसमें 7.3 फीसदी की वृद्धि हुई थी।