प्याज की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार की कवायद जारी है। लेकिन बाजार में प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसी बीच केंद्रीय सरकार ने एक बार फिर 12,660 मीट्रिक टन अतिरिक्त प्याज का मंगाने का ठेका दिया है जो 27 दिसंबर, 2019 से भारत में पहुंचना शुरू हो जाएगा। इस अतिरिक्त मात्रा के साथ, अब तक अनुबंधित आयात की कुल मात्रा लगभग तीस हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गई है।
प्याज की कीमत को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने पहले ही सभी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। जिसमें बाजारों में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल जमाखोरी के खिलाफ अभियान चलाने के लिए कहा गया था। पत्र में व्यापारियों के लिए सरकार की ओर से जारी स्टॉक लिमिट को भी सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया था।
इससे पहले एमएमटीसी ने तुर्की से 11 हजार टन प्याज आयात करने का ठेका दिया था। एमएमटीसी द्वारा प्याज के आयात के लिये दिया गया यह दूसरा ठेका था। कंपनी पहले ही मिस्र से 6,090 टन प्याज आयात का ऑर्डर दे चुकी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने 1.2 लाख टन प्याज आयात करने की मंजूरी दी थी। देश के विभिन्न हिस्सों में प्याज की खुदरा कीमतें 100 से 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच जाने के बाद इसकी आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने इसके आयात सहित कई कदम उठाए हैं।
प्याज के दाम पर नियंत्रण के लिये गृहमंत्री अमित शाह की अगुवाई में मंत्रियों का एक समूह बनाया गया है। इसमें वित्त मंत्री, उपभोक्ता मामलों के मंत्री, कृषि मंत्री और सड़क परिवहन मंत्री शामिल हैं।
सरकार ने अब तक उठाए ये कदम
- सरकार कारोबारियों पर स्टॉक लिमिट लगा चुकी है, जिससे जमाखोरी रोकी जा सके।
- इसके अलावा लोगों को राहत देने के लिए सरकार 23.40 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेच रही है।
- सरकार अपने बफर स्टॉक में से 57,000 टन प्याज निकाल चुकी है।
- जून में सरकार द्वारा निर्यातकों को दी जाने वाली 10 फीसदी की सब्सिडी समाप्त कर दी गई थी।
- प्याज की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सरकार ने एमएमटीसी को 21,000 टन प्याज आयात का ठेका दिया है।