फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Crypto Currency: सीतारमण बोलीं- क्रिप्टो को रेगुलेट करने के लिए वैश्विक सहमति जरूरी, मिलकर करना होगा काम

Sun, 23 Apr 2023 04:04 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु

सार

केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, "जी-20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है, यह भारत का प्रस्ताव था और इसे साथ लिया गया है। मुझे खुशी है कि जी-20 ने क्रिप्टो करेंसी को इस साल के लिए अपने एजेंडे में रखा है।"
विज्ञापन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : ट्विटर/निर्मला सीतारमण कार्यालय
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि क्रिप्टो के नियमन के लिए वैश्विक सहमति जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे पहले कि भारत इस पर कोई कदम उठाए, एक वैश्विक टेम्पलेट बनाना पड़ सकता है और सभी को इस पर मिलकर काम करना होगा। अन्यथा इसे विनियमित करना प्रभावी नहीं होगा। हालांकि, मंत्री ने कहा कि इसका मतलब 'डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी' को नियंत्रित करना नहीं है, जिसकी अपनी अच्छाई और क्षमता है।   

विज्ञापन

 

वित्तीय स्थिरता पर केंद्रित एफएसबी, रिपोर्ट देने पर सहमत
उन्होंने कहा, "जी-20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है, यह भारत का प्रस्ताव था और इसे साथ लिया गया है। मुझे खुशी है कि जी-20 ने इसे इस साल के लिए अपने एजेंडे में रखा है। आईएमएफ ने क्रिप्टो करेंसी पर एक पेपर दिया है कि यह किस तरह से मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। जी-20 द्वारा गठित वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) एक रिपोर्ट देने के लिए सहमत हो गया है जो वित्तीय स्थिरता पर भी ध्यान केंद्रित करेगा।" 
 

एफएसबी और आईएमएफ की रिपोर्ट पर जुलाई में चर्चा
सीतारमण ने कहा, "उनकी (एफएसबी) रिपोर्ट और आईएमएफ की रिपोर्ट पर जुलाई में चर्चा होने होगी, जब वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर जी-20 के तहत बैठक करेंगे और उसके बाद सितंबर में जी-20 देशों के प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों का शिखर सम्मेलन होगा जो भारत में होगा।" 
 

फरवरी में हुई जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की पहली बैठक
मंत्री यहां 'थिंकर्स फोरम, कर्नाटक' के साथ बातचीत के दौरान डिजिटल या क्रिप्टो करेंसी के नियमन के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं।  जी-20 इंडिया प्रेसीडेंसी के तहत जी-20 के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की पहली बैठक 24-25 फरवरी को बेंगलुरु में हुई थी।

क्रिप्टो करेंसी टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित, कोई सीमा नहीं
सीतारमण ने कहा, डिजिटल करेंसी पूरी तरह से डिजिटल और टेक्नोलॉजी से संचालित हैं। टेक्नोलॉजी बहुत वितरित है, और कभी-कभी पहचान स्थापित करना बहुत मुश्किल होता है। हालांकि, इसमे क्षमता है, इसलिए इस पर सभी देशों को एक साथ आने पर काम करना होगा। उन्होंने कहा, कोई भी देश अकेले टेक्नोलॉजी संचालित क्रिप्टो संपत्ति के मामले में इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं कर सकता है, क्योंकि टेक्नोलॉजी की कोई सीमा नहीं है।
विज्ञापन

कर्नाटक में नंदिनी-अमूल विवाद पर कही ये बात
केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि 'नंदिनी' को खत्म करने के लिए 'अमूल' को कर्नाटक लाया जा रहा है, यह कहना निर्लज्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात स्थित डेयरी सहकारी समिति ने राज्य में तब प्रवेश किया था जब यहां कांग्रेस सत्ता में थी। कर्नाटक दुग्ध संघ (केएमएफ) 'नंदिनी' ब्रांड नाम से दूध, दही और अन्य डेयरी उत्पाद बेचता है।

उन्होंने कहा कि चीजों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और भावनात्मक मुद्दा बनाया गया क्योंकि कर्नाटक में चुनाव का समय है जहां 10 मई को विधानसभा चुनाव होने हैं। सीतारमण ने कहा,  भारत की योजनाओं में हर राज्य की अपनी दुग्ध सहकारी समिति हैं। कर्नाटक की नंदिनी - कौन इसे नहीं पहचानता है? अभी जब मैं आयी हूं, तो मेरे पास नंदिनी दूध, दही, पेड़ा है ... बेशक दिल्ली में मैं अमूल खरीदूंगी। मैं कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करती हूं लेकिन दिल्ली में अगर नंदिनी उपलब्ध नहीं है तो मैं मानसिक रूप से संन्यासी नहीं हूं कि अगर नंदिनी उपलब्ध नहीं होगी तो मैं दूध नहीं पीऊंगी। मैं अभी भी अमूल खरीदती हूं। सीतारमण ने कहा कि यह कर्नाटक के खिलाफ नहीं है।
 
और भी पढ़ें....
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें