रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने मंगलवार को 500 रुपये के नोट की नई सीरीज जारी की है। बैंक ने अब A सीरिज मार्केट में लांच किया है, जिसमें किसी तरह का अन्य कोई बदलाव नहीं किया गया है।
RBI introduces new batch of banknotes of Rs 500 with inset letter “A”, old notes to stay valid. pic.twitter.com/f6wwTqG7LM
— ANI (@ANI_news) 13 June 2017
आरबीआई ने कहा कि 2016 में नोटबंदी के बाद जारी किए 500 रुपये के वो नोट भी मार्केट में चलते रहेंगे। इन नोटों की डिजाइन में भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। डिजाइन में पहले से चल रहे महात्मा गांधी सीरिज को ही रखा गया है।
Design of these notes is similar in all respects to the ₹ 500 banknotes in Mahatma Gandhi (New) Series.
— ANI (@ANI_news) 13 June 2017
200 रुपये का नोट लाने की तैयारी में आरबीआई
भारतीय रिजर्व बैंक
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आरबीआई 200 रुपये के नए नोट लाने की तैयारी कर रही है। यह नोट कैसा होगा इसकी डिजाइन अभी तक जारी नहीं हुआ है। खास बात यह है कि ये नए नोट सिर्फ बैंक काउंटर से ही प्राप्त हो सकेंगे। फिलहाल ये नोट एटीएम में उपलब्ध नहीं होंगे।
आरबीआई, बैंक शाखाओं के माध्यम से ही नए नोटों को लोगों तक प्रसारित करना चाहता है। आपको बता दें कि इसी तरह से 50 रुपये और 10 रुपये के नोट भी प्रसारित किए जाते हैं। मार्च महीने में आरबीआई बोर्ड ने छोटे नोटों की कमी के चलते 200 रुपये का नोट लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
एक सीनियर बैंकिंग आधिकारी ने मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत नहीं होने के कारण इस मुद्दे पर जवाब देने से मना कर दिया। हालांकि उन्होंने बताया कि एटीएम के माध्यम से नए मुद्रा नोटों को प्रसारित करने का मतलब भारत की 220,000 मशीनों को दोबारा ठीक कराना होगा, जिसमें एक महीने से अधिक समय लग सकता है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक अधिकारी ने बताया, "एक बार फिर से सिस्टम को परेशान नहीं करना है, नवंबर और दिसंबर के बीच चार सप्ताह से अधिक परेशानी हुई है। इसलिए बैंक शाखाओं के जरिए इन नोटों को प्रसारित करने की सलाह दी गई है। हालांकि अभी यह केवल एक प्रस्ताव है।"
अधिकारी ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 100 और 500 रुपये के कम मूल्य वाले नोटों को प्रसारित करने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव है। लोग अभी भी 2000 रुपये का नोट लेने के इच्छुक नहीं हैं और इसलिए नोटों की अभी भी कमी बनी हुई है। समस्या इस वजह से और बढ़ गई क्योंकि सरकार और आरबीआई 1000 रुपये के नोटों को समय से प्रसारित नहीं कर सका।