रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने बढ़ते खतरे को देखते हुए मुद्रा के भंडारण और 4000 ‘करेंसी चेस्ट’ से मुद्रा लाने-ले जाने के लिए सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में पहल की है। हाल के वर्षों में देश के विभिन्न भागों से नकद ले जा रहे वैन, बैंक को लूटे जाने के साथ एटीएम से नकली नोट निकलने के मामले सामने आए हैं।
आरबीआई मुद्रा भंडारण, लाने-ले जाने तथा प्रसंस्करण से संबंधित मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए पहले ही मुद्रा भंडारण और आवाजाही (एचएलसीसीएसएम) पर उच्च स्तरीय समिति गठित की है।
केंद्रीय बैंक अब सुरक्षा पहलुओं, आवाजाही और मुद्रा के भंडार, करेंसी प्रसंस्करण का स्वचालन तथा रखरखाव से जुड़े पहलुओं पर समिति की सहायता के लिए वैश्विक विशेषज्ञों की सलाह ले रहा है। इन मामलों में सुरक्षा, कार्य और लागत कुशलता के बारे में वैश्विक स्तर पर बेहतर गतिविधियों की पहचान हेतु विशेषज्ञों से रुचि पत्र आमंत्रित किए गए हैं।
चुने गए विशेषज्ञ मुद्रा को लाने-ले जाने के लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने में समिति की मदद करेंगे। सुरक्षा माहौल में बदलाव, प्रौद्योगिकी उपकरणों की उपलब्धता, सुरक्षा चाक चौबंद करने तथा अधिक सुरक्षित परिवहन व्यवस्था के मकसद से एचएलसीसीएसएम का गठन किया गया है। देश में नोट छापने के लिए चार प्रेस और सिक्कों के लिए चार टकसाल है।