भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को अपने चालू खाता मानकों में कुछ अहम बदलाव किए हैं। केंद्रीय बैंक ने अपनी 6 अगस्त की मौद्रिक नीति में कहा था कि कोई बैंक उस ग्राहक के लिए करंट अकाउंट यानी चालू खाता नहीं खोल सकेगा, जिसने अन्य बैंक से कैश क्रेडिट या ओवरड्राफ्ट सुविधा का लाभ उठाया हो, और अब सभी लेनदेन कैश क्रेडिट, या ओवरड्राफ्ट अकाउंट के जरिए किए जाएंगे।
ये मानक 5 नवंबर से लागू होने वाले थे, लेकिन कुछ स्पष्टताओं के अभाव में केंद्रीय बैंक ने इन्हें 14 दिसंबर तक टाल दिया था। अब नए सर्कुलर के मुताबिक ग्राहकों को उसी बैंक में अपना करंट अकाउंट या ओवरड्राफ्ट अकाउंट खुलवाना अनिवार्य होगा, जिससे वो लोन ले रहे हैं। आपको बता दें ये नियम उन ग्राहकों पर लागू होगा जिन्होंने बैंक से 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लिया है।