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दो दिन बाद रेलवे ने लिया यू-टर्न, अब बताया मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को फायदे का सौदा

Thu, 02 Nov 2017 12:36 PM IST
amarujala.com- Presented By: अनंत पालीवाल
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रेलवे ने अहमदाबाद-मुंबई रूट पर चलने वाली बुलेट ट्रेन पर अपने दो दिन पहले दी गई जानकारी से यू-टर्न ले लिया है। रेलवे ने तब कहा था कि बीते तीन महीने के दौरान इस रूट पर चलने वाली रेलगाड़ियों में सफर करने वाले मुसाफिरों के आंकड़े पर गौर करें तो पर्याप्त यात्री ही नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में महंगे बुलेट ट्रेन को यात्री कहां मिलेंगे। 
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बुक रहती हैं 100 फीसदी सींटे
अब पश्चिम रेलवे ने कहा है कि इस रूट पर ऑफ सीजन में भी 100 फीसदी सीटें बुक रहती हैं। इसलिए बुलेट ट्रेन को चलाना भी फायदे का सौदा रहेगा। पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ रविंद्र भाकर ने कहा कि फिलहाल रेलवे अहमदाबाद के लिए नौ डायरेक्ट ट्रेनों का परिचालन करता है।

पढ़ें- इन 5 देशों में चलती है सबसे तेज बुलेट ट्रेन

इसके अलावा 25 ऐसी ट्रेनें हैं जो मुंबई से चलती हैं और अहमदाबाद होकर के देश के अन्य भागों में जाती हैं। 

233 करोड़ रुपये की हुई कमाई
भाकर ने कहा कि इस रूट से रेलवे को अकेले जुलाई और सितंबर के बीच 233 करोड़ रुपये की कमाई हुई है, जो कि 30 करोड़ के नुकसान के मुकाबले काफी ज्यादा है। भाकर ने कहा कि आरटीआई में पहले जो जानकारी दी गई थी, उसमें इस बात की जानकारी नहीं दी गई थी कि कितने यात्री बीच में चढ़ते या उतरते हैं। इस वजह से पहले वाली आरटीआई में यात्रियों की संख्या कम दर्शायी गई थी। 
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नौ ट्रेनों में 103 फीसदी बुकिंग

नौ डायरेक्ट ट्रेनों में रेलवे को इन दो महीनों में 103 फीसदी बुकिंग मिली। वहीं 25 अन्य ट्रेनों में 115 फीसदी एकतरफा डायरेक्शन में बुकिंग देखने को मिली। रिटर्न करने वाली ट्रेनों में 121 फीसदी ज्यादा बुकिंग हुई।

रेलवे का अब कहना है कि जब अभी इतनी टिकटों की मारामारी है, तो बुलेट ट्रेन को चलाना भी फायदे का सौदा होगा। मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। बुलेट ट्रेन परियोजना पर जापान की मदद से कुल एक लाख करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 
1.1 लाख करोड़ से तैयार होगी हमारी बुलेट ट्रेन
लंबाई: 508 किमी 
औसत स्पीड : 250 किमी प्रति घंटा
अधिकतम स्पीड : 320 किमी प्रति घंटा
यात्रा समय : दो घंटे (मौजूदा ट्रेनें: 7 घंटे)
किराया: 3-5 हजार रुपये
लागत : 1.1 लाख करोड़ रुपये
81 फीसदी (90 हजार करोड़) जापान से ऋण
0.1 फीसदी के मामूली ब्याज पर
15 साल के बाद पुनर्भुगतान शुरू
50 साल में चुकाना है ऋण
20 हजार कंस्ट्रक्शन रोजगार
20 हजार अप्रत्यक्ष रोजगार
750 लोग एक बार में करेंगे सफर
36 हजार लोग रोज करेंगे सफर
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