यूनिटेक लिमिटेड की आवासीय परियोजनाओं में अपना पैसा फंसाए बैठे फ्लैट खरीदारों के लिए खुशखबरी है। सुप्रीम कोर्ट ने खरीदारों का पैसा लौटाने के लिए मंगलवार को यूनिटेक के निदेशकों की संपत्तियां बेचने की शुरुआत करने के आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व जज एसएन धींगड़ा की अध्यक्षता वाले पैनल को दिए।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने पैनल से कहा कि यूनिटेक की कोलकाता में स्थित संपत्तियों को बेच दिया जाए और खरीददारों में समानुपातिक आधार पर 25 करोड़ रुपये फिलहाल बांट दिए जाएं।
साथ ही इस मामले में न्याय मित्र के तौर पर कोर्ट की मदद कर रहे एडवोकेट पवनश्री अग्रवाल को अपनी मदद के लिए दो और लोगों की नियुक्ति करने की भी इजाजत दे दी। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
बता दें कि यूनिटेक के प्रबंध निदेशक संजय चंद्रा अपने भाई अजय चंद्रा के साथ जेल में बंद है। इनके खिलाफ कंपनी की गुरुग्राम स्थित परियोजनाओं के 158 खरीदारों ने आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया हुआ है। खरीदारों के अलावा आयकर विभाग ने भी कंपनी पर 950 करोड़ रुपये का कर बकाया होने के चलते खुद को इस मामले में एक पार्टी बनाए जाने का आग्रह सर्वोच्च न्यायालय से किया हुआ है।
5 जुलाई को भी दिया था संपत्ति बेचने का आदेश
शीर्ष न्यायालय ने इससे पहले 5 जुलाई को भी जस्टिस धींगड़ा पैनल को यूनिटेक के निदेशकों की यूपी के आगरा, बनारस और तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर स्थित संपत्तियों को भी बेचने के आदेश दिए थे। इससे पहले सर्वोच्च अदालत ने तीन सदस्यीय पैनल को कंपनी की 600 एकड़ जमीन बेचकर खरीदारों का पैसा लौटाने के आदेश दिए थे।