सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट लिमिटेड के सभी गैर संस्थागत निदेशकों को 22 नवंबर को अदालत में खुद पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही इन्हें अपनी निजी संपत्तियों का ब्योरा देने के लिए भी कहा है।चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने जेपी एसोसिएट के अब तक 2000 करोड़ रुपये जमा नहीं कराने पर गैर संस्थागत निदेशकों को अदालत में पेश होने को कहा है। कोर्ट ने जेपी एसोसिएट को 27 अक्तूबर तक 2000 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था।
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सोमवार को सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह 700 करोड़ रुपये जमा करने के लिए तैयार हैं और मंगलवार को 100 करोड़ रुपये जमा करवा देंगे। जेपी ने कहा कि 593 करोड़ रुपये आईसीआईसीआई बैंक में जमा है, लेकिन अदालत ने उनकी दलीलों को खारिज कर दिया।
4 नवंबर की सुनवाई में पीठ ने कंपनी से कहा था कि जो भी संभव हो, आप उतनी रकम का इंतजाम कीजिए, लेकिन इसमें आपकी मंशा दिखनी चाहिए। पीठ ने जेपी एसोसिएट को 13 नवंबर तक कम से कम 1000 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने जेपी एसोसिएट और जेपी इंफ्राटेक के तमाम निदेशकों और प्रबंध निदेशकों को पहले ही बिना इजाजत विदेश जाने पर रोक लगा रखी है।
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32000 खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए रिकॉर्ड जमा करवाए कंपनी
शीर्ष अदालत ने जेपी इंफ्राटेक को अपने रिकॉर्ड इंटरिम रिजोल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) को सौंपने को कहा है, ताकि 32000 फ्लैट खरीदारों और निवेशकों के हितों की रक्षा हो सके। अदालत ने कंपनी के खिलाफ किसी भी उद्देश्य के लिए किसी भी फोरम जैसे उपभोक्ता फोरम आदि पर होने वाली सुनवाई पर रोक लगा दी है।
आईआरपी को कंपनी के प्रबंधन का पूरा जिम्मा सौंपा गया है। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील शेखर नफाड़े को आईआरपी की सुनवाई के लिए अमाइकस क्यूरी बनाया गया है। शेखर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए एक प्रस्ताव तैयार करेंगे।
जेपी एसोसिएट व जेएसडब्लू अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने को तैयार
कर्ज में डूबे जेपी एसोसिएट ने कहा है कि वह जेएसडब्लू की मदद से जेपी इंफ्राटेक के अधूरे प्रोजेक्ट पूरा करने को तैयार है। जेपी समूह की कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट लि. (जेएएल) ने यह भी कहा है कि जेपी इंफ्राटेक लि. (जेआईएल) के पास देनदारी से ज्यादा संपत्ति है, इसलिए उसे इस समस्या के हल में कोई दिक्कत नहीं होगी।
बांबे स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जेएएल ने कहा कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल, इलाहाबाद द्वारा नियुक्त आईआरपी के जारी जेआईएल संकट के हल के लिए आगे आने के प्रस्ताव के पक्ष में वेदांता सहित कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। अत: उसे अपने समूह की कंपनी को समस्या से उबारने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।