डेवलेपर्स बढ़ा सकते हैं दाम
मौजूदा समय में डेवलेपर्स किसी बिक्री के दौरान अपनी कर देनदारी निर्माण में इस्तेमाल हुई वस्तुओं और सेवाओं पर चुकाए कर का दावा कर कम करने में सक्षम थे। लेकिन आईटीसी खत्म होने से डेवलेपर्स का मुनाफा घटेगा। मूडीज ने कहा कि डेवलेपर्स के पास अपने घाटे को कम करने का एकमात्र विकल्प कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी करना रह जाएगा। हालांकि, जीएसटी में कटौती से उपभोक्ता द्वारा चुकाई जाने वाली कुल कीमत घटेगी, जिससे डेवलेपर्स कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी कर सकते हैं।
घटेगा भुगतान शुल्क
रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी घटाने और किफायती मकानों ओर ध्यान ज्यादा केंद्रित करने के फैसले से खरीदारी को बढ़ावा मिलने के साथ मांग को भी समर्थन मिलेगा। एजेंसी के अनुसार, हमारा मानना है कि इस फैसले से ग्राहकों का रुझान तेज होगा और मुंबई जैसे शहरों में 18 फीसदी तक लगने वाले भुगतान शुल्क (ट्रांजेक्शन कॉस्ट) में भी कटौती होगी। भुगतान शुल्क अन्य कर समेत, स्टैम्प ड्यूटी, सरचार्ज और पंजीकरण शुल्क शामिल होता है।
ग्राहकों को आईटीसी लाभ न मिलने की आशंका होगी खत्म
फिच के अनुसार, नई जीएसटी दरों से डेवलेपर्स को मिलने वाला आईटीसी लाभ नहीं मिलेगा, लेकिन कुल भुगतान शुल्क में थोड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही इससे किफायती मकानों के क्षेत्र में भी असर होगा और ग्राहक मकान खरीद को लेकर अधिक उत्साहित रहेंगे। नई दरों से डेवलेपर्स द्वारा आईटीसी फायदा ग्राहकों को देने के बजाय खुद तक सीमित रखने की आशंका पर भी विराम लगेगा।